
जालना : (Jalna) महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण का मुद्दा एक बार फिर तूल पकड़ता नजर आ रहा है। आंदोलन के प्रमुख चेहरा मनोज जरांगे पाटिल (Manoj Jarange Patil) कल (शनिवार) अंतरवाली सराटी में एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस करने जा रहे हैं, जिसमें आंदोलन के अगले चरण और नई तारीखों की घोषणा होने की संभावना है। प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले ही जरांगे ने राज्य सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए तीखे सवाल दागे हैं। उनका कहना है कि सरकार ने कुणबी प्रमाणपत्र, हैदराबाद गजेटियर और आंदोलनकारियों (Kunbi certificates, the Hyderabad Gazetteer) पर दर्ज केस वापस लेने जैसे मुद्दों पर समाज को केवल आश्वासन दिया, लेकिन जमीनी स्तर पर ठोस कार्रवाई नहीं की।
जरांगे पाटिल ने विशेष रूप से शिंदे समिति की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि समिति का कार्यकाल बार-बार बढ़ाया जा रहा है, लेकिन रिकॉर्ड खोजने की गति बेहद धीमी है। उन्होंने मांग की कि खोजे गए 58 लाख रिकॉर्ड राज्य की हर ग्राम पंचायत में सार्वजनिक किए जाएं। साथ ही, उन्होंने हैदराबाद गजेटियर के आधार पर प्रमाणपत्र वितरण की रुकी हुई प्रक्रिया और सातारा संस्थान से जुड़े जीआर (GR) में हो रही देरी पर भी सरकार को आड़े हाथों लिया। कल होने वाली इस प्रेस कॉन्फ्रेंस पर पूरे राज्य की निगाहें टिकी हैं, क्योंकि जरांगे का अगला कदम महाराष्ट्र की राजनीतिक और सामाजिक दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।


