
नागपुर : (Nagpur) नागपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Nagpur International Airport) के विकास और आधुनिकीकरण को लेकर बुधवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट (Union Cabinet held on Wednesday) की बैठक में बड़ा फैसला लिया गया। केंद्र सरकार ने भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) (Airports Authority of India) की उस जमीन की लीज अवधि बढ़ाने को मंजूरी दे दी है, जो पहले मिहान इंडिया लिमिटेड (एमआईएल) (MIHAN India Limited) को दी गई थी। इस फैसले के बाद अब नागपुर एयरपोर्ट का संचालन और विकास अगले 30 वर्षों के लिए जीएमआर ग्रुप की सहयोगी कंपनी जीएमआर नागपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (Nagpur International Airport Limited) (जीएनआईएएल) को सौंपने का रास्ता साफ हो गया है।
केंद्रीय कैबिनेट की बैठक हुए फैसले की जानकारी साझा करते हुए जीएमआर के अधिकारी ने बताया कि सरकार के इस निर्णय के साथ नागपुर एयरपोर्ट को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस करने और इसे मध्य भारत के प्रमुख विमानन एवं कार्गो केंद्र के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया तेज हो जाएगी। एयरपोर्ट का विकास पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत किया जाएगा। केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी के बाद जीएनआईएएल चरणबद्ध तरीके से एयरपोर्ट का विस्तार करेगा। योजना के अनुसार नागपुर एयरपोर्ट की यात्री क्षमता बढ़ाकर प्रति वर्ष 3 करोड़ तक पहुंचाई जाएगी। वर्तमान में मौजूदा टर्मिनल की क्षमता लगभग 20 लाख यात्री प्रतिवर्ष है। परियोजना के तहत अत्याधुनिक सुविधाओं वाला नया टर्मिनल बनाया जाएगा। पहले चरण में इसकी क्षमता 40 लाख यात्री सालाना होगी। इसके अलावा एक नया 4000 मीटर लंबा रनवे तैयार किया जाएगा, जबकि मौजूदा 3200 मीटर रनवे का विस्तार कर उसे 3600 मीटर तक बढ़ाया जाएगा।
नागपुर एयरपोर्ट के विकास की प्रक्रिया वर्ष 2009 में शुरू हुई थी, जब एएआई और महाराष्ट्र एयरपोर्ट डेवलपमेंट कंपनी (Maharashtra Airport Development Company) (एमएडीसी) ने मिलकर मिहान इंडिया लिमिटेड का गठन किया था। इसमें एएआई की 49 प्रतिशत और एमएडीसी की 51 प्रतिशत हिस्सेदारी तय की गई थी। हालांकि एयरपोर्ट की संपत्तियां उसी वर्ष एमआईएल को हस्तांतरित कर दी गई थीं, लेकिन जमीन सीमांकन विवादों के कारण लीज डीड में देरी हुई। बाद में एएआई की जमीन 6 अगस्त 2039 तक के लिए एमआईएल को लीज पर दी गई थी। वर्ष 2016 में एमआईएल ने पीपीपी मॉडल पर एयरपोर्ट संचालन के लिए वैश्विक निविदा जारी की थी, जिसमें जीएमआर एयरपोर्ट लि. सबसे बड़ी बोलीदाता बनी। बाद में निविदा रद्द होने पर जीएमआर ने बॉम्बे उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। उच्च न्यायालय और बाद में उच्चतम न्यायालय ने जीएमआर के पक्ष में फैसला सुनाया। इसके बाद 8 अक्टूबर 2024 को एमआईएल और जीएमआर के बीच रियायत समझौते पर हस्ताक्षर हुए।
मिहान परियोजना (MIHAN project) के तहत नागपुर को देश के प्रमुख एयर कार्गो हब के रूप में विकसित करने की योजना है। विस्तार के बाद एयरपोर्ट की कार्गो हैंडलिंग क्षमता 9 लाख टन प्रतिवर्ष तक पहुंचने का अनुमान है। इससे कृषि उत्पाद, फार्मा और विनिर्माण क्षेत्र को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। फिलहाल नागपुर से मुंबई, दिल्ली, पुणे समेत कुछ घरेलू शहरों और कतर-शारजाह के लिए सीधी उड़ानें संचालित होती हैं। एयरपोर्ट विस्तार के बाद राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है। सरकार का मानना है कि निजी क्षेत्र की कार्यकुशलता और सरकारी निगरानी के संयोजन से नागपुर एयरपोर्ट आधुनिक सुविधाओं, बेहतर कनेक्टिविटी और मजबूत कार्गो नेटवर्क के साथ देश के प्रमुख विमानन केंद्रों में शामिल हो सकेगा।


