
नई दिल्ली : (New Delhi) केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (Central Bureau of Investigation) (CBI) ने पंजाब सतर्कता ब्यूरो से जुड़े 20 लाख रुपये के रिश्वत मामले में तीन आरोपितों को रंगेहाथों गिरफ्तार किया है। इनमें दो बिचौलिए और एक सहयोगी शामिल हैं।
सीबीआई ने बताया कि पंजाब राज्य कर अधिकारी की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि विकास उर्फ विक्की गोयल और उसका पुत्र राघव गोयल (Vikas, alias Vicky Goyal, and his son, Raghav Goyal) ने उसके खिलाफ लंबित शिकायत को बंद कराने के लिए 20 लाख रुपये की मांग की थी। दोनों आरोपित डीजी (Vigilance), पंजाब के रीडर ओपी राणा के लिए मध्यस्थता कर रहे थे।
जांच में आरोपों की पुष्टि हुई और रिश्वत की मांग 20 लाख से घटाकर 13 लाख रुपये कर दी गई। राणा के लिए एक सैमसंग गैलेक्सी जेड फोल्ड7 मोबाइल फोन भी मांगा गया। 11 मई को चंडीगढ़ में सीबीआई ने जाल बिछाकर आरोपित अंकित वाधवा को 13 लाख रुपये और मोबाइल फोन लेते रंगे हाथों दबोच लिया।
कार्रवाई के दौरान राघव गोयल (Raghav Goyal), विकास उर्फ विक्की गोयल और ओपी राणा मौके से भाग निकले। बाद में सीबीआई टीम ने पीछा कर राघव गोयल, विकास गोयल और उनके दो गनमैन को अंबाला के पास पंजाब‑हरियाणा सीमा पर गिरफ्तार कर लिया। हालांकि राणा अभी फरार है और उसकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
सीबीआई ने बताया कि आरोपितों के आवास पर तलाशी में 9 लाख रुपये नकद और आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद हुए। जांच में यह भी सामने आया कि राणा और निजी आरोपितों के बीच लंबित सतर्कता मामलों की संवेदनशील जानकारी का आदान‑प्रदान हो रहा था। पंजाब पुलिस के गनमैन की भूमिका भी जांच के दायरे में है। गिरफ्तार आरोपियों को चंडीगढ़ की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा।


