
मथुरा : (Mathura) वृंदावन क्षेत्र (Vrindavan area) में यमुना नदी में श्रद्धालुओं से भरी नाव पलटने की घटना के बाद राहत एवं बचाव कार्य तीसरे दिन भी जारी है। सोमवार को दो और शव बरामद होने के साथ मृतकों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है, जबकि एक व्यक्ति अब भी लापता है। प्रशासन के अनुसार, लापता की तलाश पूरी होने तक अभियान लगातार जारी रहेगा।
दो और शव बरामद, पहचान भी हुई
संयुक्त सर्च ऑपरेशन के दौरान एक शव केसीघाट के निकट देवराह बाबा घाट के पास झाड़ियों में फंसा मिला, जिसकी पहचान पंजाब निवासी यश भल्ला उर्फ युवराज के रूप में की गई है। वहीं, दूसरा शव बंगाली घाट के पास से बरामद हुआ, जो मोनिका दुगरी नामक युवती का बताया गया है। दोनों ही उन 16 लोगों में शामिल थे, जो हादसे के बाद नदी के तेज बहाव में लापता हो गए थे।
सात सेक्टर में बहु-एजेंसी सर्च ऑपरेशन
बचाव कार्य में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), एसडीआरएफ, स्थानीय पुलिस (National Disaster Response Force (NDRF), State Disaster Response Force (SDRF), local police) और निजी गोताखोरों की टीमें लगी हैं। अपर पुलिस अधीक्षक (देहात) सुरेश चन्द्र रावत (Suresh Chandra Rawat, Additional Superintendent of Police) के अनुसार, पूरे नदी क्षेत्र को 7 सेक्टरों में विभाजित कर सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। ड्रोन की मदद से नदी की धारा और किनारों की निगरानी भी की जा रही है।
सेना की मदद, पोस्टमार्टम की प्रक्रिया जारी
राहत कार्य में सेना की स्ट्राइक वन कोर की टीम भी सहयोग कर रही है। बरामद सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और पहचान की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पानी में लंबे समय तक रहने के कारण कुछ शवों की स्थिति गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त है, जिससे पहचान में समय लग रहा है।
एक व्यक्ति अब भी लापता
हादसे में अब तक 15 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि पंकज नामक एक व्यक्ति अभी भी लापता है। उसकी तलाश के लिए लगातार नदी में सर्च ऑपरेशन जारी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अंतिम लापता व्यक्ति का पता चलने तक अभियान नहीं रोका जाएगा।
उल्लेखनीय है कि पंजाब से आए श्रद्धालुओं से भरी नाव वृंदावन में यमुना के तेज बहाव में पलट गई थी, जिसके बाद से लगातार राहत एवं बचाव कार्य चल रहा है। यह घटना क्षेत्र में सुरक्षा और नाव संचालन मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।


