
उल्हासनगर : (Ulhasnagar) उल्हासनगर महानगरपालिका (Ulhasnagar Municipal Corporation) के करीब 1700 सेवानिवृत्त कर्मचारी और अधिकारी पिछले 10 वर्षों से अपने बकाया भुगतान के लिए संघर्ष कर रहे हैं। आरोप है कि सातवें वेतन आयोग, पेंशन, उपदान और अवकाश राशि सहित कई आर्थिक लाभ अब तक नहीं दिए गए हैं। इस आंदोलन की अगुवाई मनपा के राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त अग्निशामक विभाग प्रमुख (Municipal Corporation’s Fire Department Chief) कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि बकाया भुगतान नहीं किया गया तो 21 अप्रैल 2026 से मनपा मुख्यालय के सामने आमरण भूख हड़ताल शुरू की जाएगी।10 वर्षों से बकाया भुगतान न मिलने का आरोप
21 अप्रैल से मनपा मुख्यालय के सामने अनशन
उल्हासनगर महानगरपालिका (Ulhasnagar Municipal Corporation) सेवा निवृत्त कर्मचारी संघ ने घोषणा की है कि सभी प्रभावित कर्मचारी और अधिकारी 21 अप्रैल से मनपा मुख्यालय के सामने आमरण अनशन पर बैठेंगे। संघ के अनुसार, सेवानिवृत्त कर्मचारियों को लगभग 32 करोड़ रुपये का भुगतान लंबित है। 17 मार्च 2026 को मनपा आयुक्त मनीषा अव्हाले (Municipal Commissioner, Manisha Awhale) को पत्र देकर इस मुद्दे की जानकारी दी गई थी। अब तक कुल छह बार पत्र भेजे गए, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
आर्थिक संकट से जूझ रहे कर्मचारी
लंबे समय से भुगतान न मिलने के कारण कई सेवानिवृत्त कर्मचारी आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। पेंशन और अन्य लाभ न मिलने से उनके जीवनयापन पर गंभीर असर पड़ा है। इस संबंध में कर्मचारी संघ के अध्यक्ष बाला साहेब नेटके ने जानकारी दी। इस दौरान उपाध्यक्ष नंदलाल समतानी, सचिव तानाजी पतंगराव, सहसचिव प्रकाश वडनेरे, खजांची भगवान कुमावत (Vice President Nandlal Samtani, Secretary Tanaji Patangrao, Joint Secretary Prakash Vadnere, and Treasurer Bhagwan Kumawat) सहित अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।


