
उल्हासनगर : (Ulhasnagar) शांतिनगर श्मशान घाट (Shantinagar crematorium) में स्थापित बाबासाहेब की प्रतिमा (statue of Babasaheb) को प्रशासन ने सोमवार को सम्मानपूर्वक सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित कर दिया। यह प्रतिमा बिना अनुमति और अवैज्ञानिक तरीके से लगाई गई थी, जिस पर लंबे समय से विवाद चल रहा था। ‘कायदान वाघा’ आंदोलन के सामाजिक कार्यकर्ता राज असरोंडकर ने इस मुद्दे को लेकर अपने आवास पर छह दिनों तक आमरण अनशन किया। उनका कहना था कि श्मशान घाट जैसे स्थान पर बाबासाहेब की प्रतिमा होना उनके सम्मान के खिलाफ है।
प्रशासन ने लिया संज्ञान
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जिला प्रशासन (district administration) ने त्वरित कार्रवाई की। जिलाधिकारी के निर्देश पर महापौर, आयुक्त और जनप्रतिनिधियों की विशेष बैठक बुलाई गई, जिसमें प्रतिमा को सम्मानपूर्वक हटाने का निर्णय लिया गया। प्रतिमा हटाए जाने के बाद महापौर अश्विनी निकम, तहसीलदार कल्याणी कदम, विधायक डॉ. बालाजी किनिकर समेत कई जनप्रतिनिधि राज असरोंडकर (Raj Asrondkar’s residence) के घर पहुंचे। गणमान्य लोगों की मौजूदगी में उन्होंने नींबू पानी पीकर अपना अनशन समाप्त किया। इस आंदोलन को कई सामाजिक और रिपब्लिकन संगठनों का समर्थन मिला। शामदादा गायकवाड़, दिलीप मालवणकर, शांताराम निकम, रोहित साल्वे और शिवाजी रागड़े जैसे नेताओं ने आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई।


