
मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने की केंद्रीय वित्त मंत्री से मुलाकात
मुंबई : (Mumbai) दक्षिण मुंबई में जर्जर और असुरक्षित एलआईसी भवनों (LIC buildings in South Mumbai) के पुनर्विकास का लंबे समय से लंबित मुद्दा अब जल्द सुलझने की उम्मीद है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने इस समस्या के त्वरित समाधान का आश्वासन दिया है। महाराष्ट्र सरकार में कैबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने नई दिल्ली में वित्त मंत्री से मुलाकात कर एलआईसी किरायेदार एवं अधिवासी कल्याण संघ की ओर से ज्ञापन सौंपा।
जर्जर इमारतों में रह रहे हैं सैकड़ों किरायेदार
लोढ़ा ने बताया कि दक्षिण मुंबई में एलआईसी और देना बैंक (South Mumbai associated with LIC and Dena Bank) से जुड़ी कई पुरानी और जर्जर इमारतें हैं, जहां सैकड़ों किरायेदार असुरक्षित परिस्थितियों में रह रहे हैं। इनमें से कई इमारतें करीब 90 साल पुरानी हैं। एमएचएडीए द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद कई किरायेदारों ने इमारतें खाली कर दी हैं, लेकिन पुनर्विकास की प्रक्रिया अब तक शुरू नहीं हो सकी है। किरायेदार संघ के अनुसार, पुनर्विकास में सबसे बड़ी बाधा परियोजना प्रबंधन सलाहकार (पीएमसी) की नियुक्ति में हो रही देरी है, जो अभी तक पूरी नहीं हुई है।
दो साल तक लगने की आशंका
एलआईसी अधिकारियों के मुताबिक, पूरी प्रक्रिया में करीब दो साल का समय लग सकता है। मानसून के करीब आने से किरायेदारों में असुरक्षा और चिंता बढ़ गई है। इन सभी मुद्दों को ध्यान में रखते हुए वित्त मंत्री ने अगले तीन महीनों के भीतर सकारात्मक समाधान निकालने का आश्वासन दिया है।
किरायेदारों की प्रमुख मांगें
संघ ने मांग की है कि पीएमसी की नियुक्ति तुरंत पूरी की जाए, एमएचएडीए मानकों के अनुसार वैकल्पिक आवास दिया जाए, डेवलपर्स के चयन में किरायेदारों की भागीदारी सुनिश्चित हो, खाली भवनों का किराया अस्थायी रूप से रोका जाए और किरायेदारों पर कोई अतिरिक्त आर्थिक या कानूनी बोझ न डाला जाए।


