
नई दिल्ली : (New Delhi) भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, 27 मार्च 2026 को समाप्त सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 10.28 अरब डॉलर घटकर 688.05 अरब डॉलर रह गया है। इससे पहले वाले सप्ताह में भी भंडार में 11.413 अरब डॉलर की गिरावट दर्ज की गई थी, जिससे यह 698.346 अरब डॉलर के स्तर पर आ गया था। लगातार दूसरे सप्ताह आई इस गिरावट से विदेशी मुद्रा भंडार में दबाव की स्थिति बनी हुई है।
यदि पिछले रुझान पर नजर डालें तो 27 फरवरी 2026 को समाप्त सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार (India’s foreign exchange) 728.494 अरब डॉलर के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंचा था। इसके बाद से भंडार में क्रमिक गिरावट देखने को मिल रही है, जो वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और मुद्रा बाजार में उतार-चढ़ाव की ओर संकेत करती है।
एफसीए में गिरावट का असर
आरबीआई के अनुसार इस गिरावट में सबसे अधिक योगदान विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों (एफसीए) में कमी का रहा, जो 6.622 अरब डॉलर घटकर 551.072 अरब डॉलर रह गई। एफसीए में बदलाव पर डॉलर के मुकाबले यूरो, पाउंड और येन जैसी प्रमुख मुद्राओं के उतार-चढ़ाव का भी प्रभाव पड़ता है, जिससे कुल भंडार के मूल्यांकन में अंतर आता है।
स्वर्ण भंडार के मूल्य में 3.666 अरब डॉलर की कमी
इसके अलावा, देश के स्वर्ण भंडार के मूल्य में भी 3.666 अरब डॉलर की कमी दर्ज की गई, जो घटकर 113.521 अरब डॉलर रह गया। हालांकि, स्पेशल ड्रॉइंग राइट्स (SDR) (Special Drawing Rights) में 17 मिलियन डॉलर की वृद्धि होकर यह 18.649 अरब डॉलर हो गया, वहीं अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के पास भारत की आरक्षित स्थिति भी समान वृद्धि के साथ 4.816 अरब डॉलर पर पहुंच गई। कुल मिलाकर, हाल के सप्ताहों में विदेशी मुद्रा भंडार में उतार-चढ़ाव के साथ गिरावट का रुझान बना हुआ है


