
तेहरान : (Tehran) पश्चिम एशिया में 35 दिनों से जारी युद्ध के बीच ईरान ने अपने मध्य हवाई क्षेत्र में अमेरिका के एफ-35 समेत दो लड़ाकू विमानों को मार गिराने का दावा किया है। इसके पहले भी ईरानी सेना ने एक एफ-35 विमान (F-35 aircraft) को मार गिराया था।
ईरान के प्रेसईडी और तसनीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (Islamic Revolutionary Guard Corps) (IRGC) ने अमेरिका के इन दो विमानों को मार गिराने का दावा ऐसे समय में किया है जब डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने हाल ही में ईरान की वायु रक्षा प्रणाली को नष्ट करने की बात कही थी। हालांकि, इस दावे पर अभी तक अमेरिकी रक्षा विभाग (US Department of Defense) की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
आईआरजीसी के अनुसार 28 फरवरी से शुरू हुए इस युद्ध में अब तक अमेरिका के दो एफ-35, एक एफ-18, दो एफ-16 और चार एफ-15 विमानों को मार गिराया गया है। आईआरजीसी ने एक बयान में कहा कि उसके नए विकसित और आधुनिक हवाई सुरक्षा तंत्र ने मध्य ईरान में एक स्टेल्थ एफ-35 लड़ाकू विमान (F-35 fighter jet) को मार गिराया। हमले में विमान के पूरी तरह से बिखर जाने के कारण पायलट के बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं मिल सकी है।
इससे पहले आईआरजीसी ने घोषणा की थी कि क़ेश्म द्वीप के दक्षिण में हवाई सुरक्षा प्रणालियों द्वारा एक और आधुनिक दुश्मन लड़ाकू विमान को निशाना बनाया गया था। वह आधुनिक विमान हेंगम और केश्म द्वीपों के बीच दुर्घटनाग्रस्त हो गया और फ़ारस की खाड़ी में समा गया।
विमान को मार गिराने की यह घटना वाशिंगटन की हालिया बयानबाजी का सीधा जवाब थी। आईआरजीसी ने बताया कि डोनाल्ड ट्रंप ने पहले दावा किया था कि अमेरिकी सेनाओं ने ईरान के हवाई सुरक्षा तंत्र को नष्ट कर दिया है।
आईआरजीसी के बयान में कहा गया है कि उनकी हवाई सुरक्षा काे पूरी तरह से नष्ट होने के बारे में अमेरिकी राष्ट्रपति के झूठे दावे के बाद कुछ ही देर पहले केश्म द्वीप के दक्षिण में नौसेना के आधुनिक हवाई सुरक्षा तंत्र द्वारा एक आधुनिक दुश्मन लड़ाकू विमान को निशाना बनाया गया।
इसके पूर्व आईआरजीसी ने 11 मार्च को ईरान के हवाई क्षेत्र में अमेरिकी वायु सेना के एक एफ-35 विमान को सफलतापूर्वक निशाना बनाया था। हालांकि, अमेरिकी मीडिया ने बाद में इसकी पुष्टि की थी। हालांकि पेंटागन लगातार इन भारी नुकसानों को छिपाने की कोशिश करता रहा है और इन विमानों के गिरने की घटनाओं को “गलती से हुई गोलीबारी” या “दुर्घटना” के रूप में पेश करता रहा है।


