
निजी कंपनी के जहाज पर बतौर एडिशनल चीफ इंजीनियर कार्यरत थे
भागलपुर : (Bhagalpur) पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के दौरान मिसाइल हमले में मारे गए भारतीय इंजीनियर देवनंदन प्रसाद सिंह (Deonandan Prasad Singh—an Indian engineer) का पार्थिव शरीर करीब 20 दिन बाद बुधवार देर रात उनके पैतृक निवास मशाकचक (ancestral home in Mashakchak) पहुंचा। शव के गांव पहुंचते ही आसपास के क्षेत्र में शोक का माहौल गहरा गया और अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग जुट गए।
परिजनों के अनुसार, देवनंदन प्रसाद सिंह एक निजी शिपिंग कंपनी के जहाज पर एडिशनल चीफ इंजीनियर (Additional Chief Engineer) के रूप में कार्यरत थे।
होर्मुज के निकट हुआ मिसाइल हमला
बताया गया कि वे ईरान से जहाज लेकर भारत लौट रहे थे, तभी होर्मुज की खाड़ी के निकट उनके जहाज पर मिसाइल हमला हुआ, जिसमें उनकी मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलने के बाद से ही परिवार सदमे में है। शव घर पहुंचते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। स्थानीय लोगों ने भी शोक व्यक्त करते हुए उन्हें एक जिम्मेदार और मिलनसार व्यक्तित्व के रूप में याद किया।
प्रशासनिक स्तर पर अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। क्षेत्र में शोक और संवेदना का वातावरण बना हुआ है, जबकि बड़ी संख्या में लोग परिवार को ढांढस बंधाने के लिए पहुंच रहे हैं।


