
नई दिल्ली : (New Delhi) शेयर बजार (stock market) में आज कोहराम मच गया। बुधवार को जोरदार मजबूती के साथ कारोबार करने के बाद घरेलू शेयर बाजार जबरदस्त गिरावट का शिकार हो गया। शुरुआती कारोबार में ही शेयर बाजार में 2.15 प्रतिशत से अधिक के गिरावट आ चुकी है। पहले घंटे के कारोबार में ही सेंसेक्स लगभग 1,600 अंक टूट गया, वही निफ्टी ने भी लगभग 500 अंक का गोता लगाया।
बाजार की जोरदार गिरावट के कारण शुरुआती कारोबार में ही निवेशकों को नौ लाख करोड़ से भी अधिक के नुकसान का सामना करना पड़ा। बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैपीटलाइजेशन (market capitalization) पहले घंटे के कारोबार के बाद ही घट कर 412.84 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। जबकि पिछले कारोबारी दिन यानी बुधवार को इनका मार्केट कैपीटलाइजेशन 422.01 लाख करोड़ रुपये था। इस तरह पहले घंटे के कारोबार में ही निवेशकों को करीब 9.17 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हो गया।
पहले एक घंटे का कारोबार होने के बाद सेंसेक्स में शामिल सभी 30 शेयर गिरावट के साथ लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। इनमें सबसे अधिक गिरावट एटरनल (4.44 प्रतिशत), सन फार्मास्यूटिकल्स (4.05 प्रतिशत) और इंटरग्लोब एवियशन (4.02 प्रतिशत) के शेयरों में नजर आ रही थी। सेंसेक्स की तरह ही निफ्टी में शामिल सभी 50 शेयर भी गिरावट के साथ लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। हालांकि टीसीएस के शेयर में यदा कदा खरीदारी का रुख भी बनता रहा। इसके बावजूद यह शेयर भी कमजोरी के साथ ही कारोबार करता हुआ नजर आ रहा है।
जानकारों का कहना है कि पश्चिम एशिया में जारी संकट की वजह से पहले ही दुनिया भर के शेयर बाजार में घबराहट का माहौल बना हुआ है। पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था अमेरिका और इजरायल तथा ईरान (United States, Israel, and Iran) के बीच जारी जंग की वजह से प्रभावित होती हुई नजर आ रही है। ऐसी स्थिति में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान को लेकर लगातार बदलते रुख की वजह से दुनिया भर में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इस वजह से पूरी दुनिया के शेयर बाजार लगातार जोरदार उतार-चढ़ाव का शिकार हो रहे हैं।
धामी सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट प्रशांत धामी (Prashant Dhami) का कहना है कि दो दिन पहले ही पश्चिम एशिया में जारी जंग से अमेरिका के जल्दी ही बाहर हो जाने का संकेत देकर डोनाल्ड ट्रंप ने जहां दुनिया भर के शेयर बाजारों को मजबूती दी थी, वहीं एक अप्रैल को उन्होंने ईरान को लेकर आक्रामक रुख अपनाने का संकेत देकर पूरी दुनिया को अप्रैल फूल बना दिया। अपने संबोधन में ट्रंप ने कहा कि अगर हॉर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) पहले की तरह खुल गया, तो सीज फायर की बात पर विचार किया जा सकता है। अन्यथा ईरान पर अमेरिका पहले की तरह ही हमला जारी रखेगा।
ट्रंप के इस बयान ने दुनिया भर के बाजार में कोहराम मचा दिया। एक ओर जहां कच्चे तेल की कीमत में उबाल आ गया, वहीं दुनिया भर के शेयर बाजार में भी चौतरफा बिकवाली शुरू हो गई। वैश्विक स्तर पर फैली घबराहट के कारण घरेलू शेयर बाजार भी ढह गया। प्रशांत धामी का कहना है कि घरेलू शेयर बाजार (domestic stock market) में अभी जिस तरह का जोरदार उतार चढ़ाव हो रहा है, उसमें छोटे निवेशकों को बाजार से दूर रहने की नीति ही अपनानी चाहिए। वरना उन्हें बड़े नुकसान का ही सामना करना पड़ सकता है।


