spot_img

New Delhi : स्टॉक मार्केट में अमीरचंद जगदीश कुमार ने किया निराश

New Delhi: Amarchand Jagdish Kumar Disappoints in the Stock Market

नई दिल्ली : (New Delhi) एयरोप्लेन ब्रैंडनेम से बासमती चावल का निर्यात करने वाली कंपनी अमीर चंद जगदीश कुमार (Amarchand Jagdish Kumar) के शेयरों ने आज जबरदस्त गिरावट के साथ एंट्री करके अपने आईपीओ निवेशकों को निराश कर दिया। आईपीओ (IPO investors) के तहत कंपनी के शेयर 212 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई पर इसकी लिस्टिंग 10.38 प्रतिशत डिस्काउंट के साथ 195 रुपये के स्तर पर और एनएसई पर इसकी लिस्टिंग 5.66 प्रतिशत डिस्काउंट के साथ 200 रुपये के स्तर पर हुई।

कमजोर लिस्टिंग के बाद बिकवाली का दबाव बन जाने के कारण कंपनी के शेयर की चाल में और कमजोरी आ गई। लगातार हो रही बिकवाली के कारण दोपहर बारह बजे के थोड़ी देर पहले ही ये शेयर बीएसई में फिसल कर 175.50 रुपये के और एनएसई में 180 रुपये के लोअर सर्किट लेवल तक पहुंच गए। इस तरह पहले दिन के कारोबार में ही कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर 32 रुपये से लेकर 36.50 रुपये यानी 15.09 प्रतिशत से लेकर 17.22 प्रतिशत तक का नुकसान हो चुका है।

अमीर चंद जगदीश कुमार का 440 करोड़ रुपये का आईपीओ 24 से 27 मार्च के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से एवरेज रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 3.41 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (Qualified Institutional Buyers) (QIBs) के लिए रिजर्व पोर्शन 1.18 गुना (एक्स एंकर) सब्सक्राइब हुआ था। वहीं नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (Non-Institutional Investors (NIIs) के लिए रिजर्व पोर्शन में 13.40 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसी तरह रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 1.44 गुना सब्सक्राइब हो सका था।

इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 2,07,54,716 नए शेयर जारी किए गए हैं। आईपीओ में शेयरों की बिक्री के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी अपने पुराने कर्ज के बोझ को कम करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।

कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (Draft Red Herring Prospectus) (DRHP) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 17.50 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 30.41 करोड़ रुपये और 2024-25 में उछल कर 60.82 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक कंपनी को 48.65 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका है।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 1,317.86 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 1,551.42 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 2,004.03 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक कंपनी को 1,024.30 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।

इस अवधि में कंपनी के कर्ज में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर 667.53 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 777.62 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 784.06 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ 739.74 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इस दौरान कंपनी के नेटवर्थ में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 280.84 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 311.48 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ 379.18 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक ये 440.89 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (Earnings Before Interest, Taxes, Depreciation, and Amortization) 2022-23 में 79.69 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 109.66 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का ईबीआईटीडीए उछल कर 163.65 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक ये 105.76 करोड़ रुपये के स्तर पर था।

Patna/Shivhar : मुंबई हत्याकांड पर बिहार में उबाल, हाईवे जाम

पटना/शिवहर : (Patna/Shivhar) मुम्बई के धारावी क्षेत्र (Dharavi area of ​​Mumbai) में युवक की हत्या के बाद बिहार के शिवहर जिले (Bihar's Shivhar district)...

Explore our articles