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Lucknow : पेट्रोल-डीजल और एलपीजी पर याेगी सरकार की सख्त निगरानी

Lucknow: Yogi Government Maintains Strict Vigilance Over Petrol, Diesel, and LPG

अब तक 17 हजार से अधिक छापे
224 लाेगाें के खिलाफ मुकदमा
लखनऊ : (Lucknow)
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath) की ओर से जमाखोरों को दी गयी चेतावनी और अफवाहबाजों पर सख्त कार्यवाही के निर्देश दिये जाने के साथ-साथ अधिकारियों के फील्ड में उतरने से एलपीजी, पेट्रोल और डीजल के कृत्रिम संकट भी खत्म हाे गया है। अब पेट्रोल पंपों में सामान्य दिनों जैसे ग्राहकों का आना जाना है। इस बीच प्रदेश में अब तक 17 हजार स्थानों पर छापेमारी की गयी है और 224 लोगों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जा चुका है।

खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध के मद्देजनर एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति की नियमित आपूर्ति में बाधाएं आने की संभावना नजर आ रही थी, लेकिन सरकार के गंभीर प्रयासाें से इन आवश्यक चीजों की पर्याप्त उपलब्धता बनी है। इन सबके बीच जमाखोरों और बिचौलियों ने आपदा में कमाई का अवसर तलाश लिया। कृत्रिम संकट की अफवाहों का बाजार गर्म कर दिया और कुछ राजनीतिक दलों ने भी ऐसे अफवाहबाजों का साथ देना शुरु कर दिया। ऐसे में प्रदेश के कई हिस्सों में पेट्रोल पंपों में लंबी-लंबी लाइनें लग गयीं और एलपीजी को लेकर भी कथित रूप से संकट बनने लगा। ऐसे में पेट्रोल-डीजल और एलपीजी (petrol, diesel, and LPG) पर यूपी सरकार ने सख्त निगरानी शुरु कर दी है। अब तक 17 हजार से अधिक छापे पड़ चुके हैं। इस दौरान एलपीजी वितरकों के खिलाफ 33 एफआईआर दर्ज की गईं, जबकि अन्य मामलों में 189 एफआईआर दर्ज कर 17 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा 224 लोगों के खिलाफ मुकदमे की कार्रवाई भी की गई है।

मुख्य सचिव स्तर से जारी निर्देशों के बाद सभी जिलों में प्रशासन सक्रिय है और जिला पूर्ति अधिकारी और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी नियमित रूप से निरीक्षण कर रहे हैं, ताकि उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलेंडर और ईंधन मिल सके। राज्य में 12,888 पेट्रोल पंप संचालित हैं। 27 से 29 मार्च के बीच हजारों किलोलीटर ईंधन की बिक्री दर्ज की गई है। वर्तमान में प्रदेश में करीब 91 हजार किलोलीटर पेट्रोल और 1.15 लाख किलोलीटर डीजल का स्टॉक उपलब्ध है। उल्लेखनीय है कि 01 किलो लीटर का अर्थ 1000 लीटर से है। ऐसे में सरकार ने लोगों से अपील की है कि घबराहट में ईंधन का भंडारण न करें।

इसी प्रकार प्रदेश के 4,107 गैस वितरकों के माध्यम से उपभोक्ताओं को बुकिंग के अनुसार सिलेंडर की आपूर्ति की जा रही है और पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। इसी के साथ सरकार ने सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (City Gas Distribution) (CGD) नेटवर्क के विस्तार पर भी जोर दिया है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में लंबित अनुमतियों को जल्द निपटाने और अधिक से अधिक पीएनजी कनेक्शन जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, केंद्र सरकार ने 23 मार्च से वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों के 20 प्रतिशत अतिरिक्त आवंटन की अनुमति भी दी है।

आपूर्ति व्यवस्था की निगरानी के लिए खाद्यायुक्त कार्यालय में 24 घंटे कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। इसके अलावा सभी जिलों में भी कंट्रोल रूम सक्रिय हैं, जहां से लगातार स्थिति पर नजर रखी जा रही है। सरकार का कहना है कि प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता है और किसी भी तरह की कालाबाजारी या जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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