
ठाणे : (Thane) कलवा स्थित छत्रपति शिवाजी महाराज अस्पताल (Chhatrapati Shivaji Maharaj Hospital in Kalwa) में कथित लापरवाही और अमानवीय प्रबंधन के कारण कांग्रेस नेता की पत्नी की मौत का मामला सामने आया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि “आयुष्मान भारत” (“Ayushman Bharat”) योजना की कागजी प्रक्रिया और अस्पताल के खराब प्रबंधन के चलते मरीज को समय पर इलाज नहीं मिला, जिसकी वजह से उसकी जान चली गई।
कांग्रेस नेता की पत्नी की इलाज के दौरान मौत
जानकारी के अनुसार, कलवा ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेंद्र (राजू) शेट्टी की पत्नी संगीता शेट्टी (Sangeeta Shetty—wife of Rajendra (Raju) Shetty) की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें आनंद दिघे हृदय रोग केंद्र लाया गया था। आरोप है कि अस्पताल में बेड उपलब्ध होने के बावजूद उन्हें “बेड नहीं है” कहकर भर्ती करने से मना कर दिया गया।
इलाज नहीं मिलने पर दूसरे अस्पताल ले जाते समय मौत
परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन (hospital administration) ने प्राथमिक उपचार तक उपलब्ध नहीं कराया। बाद में जब उन्हें दूसरे अस्पताल ले जाया जा रहा था, उसी दौरान रास्ते में उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद अस्पताल प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अस्पताल में किया प्रदर्शन
घटना के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंचे और जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। ठाणे जिला कांग्रेस अध्यक्ष राहुल पिंगले (Thane District Congress President Rahul Pingle) के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की।
“यह सिर्फ लापरवाही नहीं, सिस्टम की विफलता”
राहुल पिंगले ने कहा कि गरीबों की जान से खेलने वाले लापरवाह डॉक्टरों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह केवल मेडिकल लापरवाही नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की विफलता है।
25 लाख मुआवजे और हत्या का केस दर्ज करने की मांग
कांग्रेस ने पीड़ित परिवार को तत्काल 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग की है। साथ ही संबंधित डॉक्टरों, स्टाफ और अधिकारियों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर उन्हें नौकरी से हटाने की भी मांग उठाई गई है।
अस्पताल प्रशासन ने जांच का दिया आश्वासन
हॉस्पिटल प्रशासन ने मामले की जांच कराने का भरोसा दिया है, लेकिन कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन के रवैये पर नाराजगी जताई है। कांग्रेस पदाधिकारियों ने सवाल उठाया कि अगर सरकारी अस्पतालों में गरीब और आम लोगों को न्याय नहीं मिलेगा तो व्यवस्था आखिर किसके लिए है।
कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि 6 जून तक दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो ठाणे महानगरपालिका और अस्पताल प्रशासन (Thane Municipal Corporation and the hospital administration) के खिलाफ बड़ा आंदोलन किया जाएगा।


