
नई दिल्ली : (New Delhi) पश्चिम एशिया संकट (crisis in West Asia) के बीच ट्रंप प्रशासन ने ईरान के तेल की खरीद पर लगे प्रतिबंधों में 30 दिनों की छूट दी है। यह छूट केवल समुद्र में मौजूद ईरानी तेल के टैंकरों की खरीद के लिए दी गई है, ताकि वैश्विक ऊर्जा सप्लाई बढ़े और कीमतों का दबाव कम किया जा सके। ईरान-इजरायल और अमेरिका (Iran, Israel, and the United States) के बीच जारी जंग के बाद से ही कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल दर्ज किया गया है।
अमेरिकी ट्रेजरी मिनिस्टर स्कॉट बेसेंट (US Treasury Secretary Scott Bessent) ने इसकी घोषणा की। ट्रेजरी विभाग की वेबसाइट के मुताबिक यह अस्थायी छूट 20 मार्च से 19 अप्रैल के लिए दी गई है। दरअसल, ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की सप्लाई बढ़ाने और दाम को काबू में रखने के लिए ऐसा किया गया है। अमेरिका-इजराइल की ईरान के साथ चल रही जंग की वजह से क्रूड की कीमतें 110 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गई है।
उल्लेखनीय है कि 28 फरवरी को जंग शुरू होने से पहले ये 70 डॉलर के करीब थी। स्कॉट बेसेंट ने जारी एक बयान में कहा कि दुनिया के लिए मौजूदा कच्चे तेल सप्लाई को अस्थायी रूप से खोलकर ग्लोबल मार्केट (global market) में लगभग 14 करोड़ बैरल तेल की तेजी से आएगा। इससे दुनियाभर में ऊर्जा की उपलब्धता बढ़ेगी और सप्लाई पर जो अस्थायी दबाव बना है, उसे कम करने में मदद मिलेगी।


