
नई दिल्ली : (New Delhi) देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टाटा (Tata Consultancy Services) ने खुद को दुनिया की सबसे बड़ी एआई-आधारित प्रौद्योगिकी सेवा कंपनी बनाने का लक्ष्य तय किया है। कंपनी के सीईओ और प्रबंध निदेशक के कृतिवासन (Managing Director, K. Krithivasan) ने कहा कि शीर्ष 139 ग्राहकों में से 130 पहले ही टीसीएस को अपना एआई सेवा भागीदार चुन चुके हैं।
वित्त वर्ष 2025-26 की वार्षिक रिपोर्ट में शेयरधारकों को लिखे पत्र में कृतिवासन ने कहा कि बीता वर्ष उद्यम एआई के लिए निर्णायक मोड़ साबित हुआ, जहां कंपनियां प्रायोगिक परियोजनाओं से आगे बढ़कर बड़े पैमाने पर एआई का उपयोग करने लगी हैं। उन्होंने कहा कि टीसीएस की रणनीति बुनियादी ढांचे से लेकर “इंटेलिजेंस” तक पूर्ण एआई सेवा प्रदाता बनने की है।
कंपनी के अनुसार पांच करोड़ डॉलर से अधिक वार्षिक राजस्व वाले 139 बड़े ग्राहकों में से 130 ने टीसीएस की एआई सेवाएं अपनाई हैं। एआई विस्तार को समर्थन देने के लिए कंपनी ने कर्मचारियों के कौशल विकास पर भी बड़ा निवेश किया है। वर्तमान में 2.70 लाख से अधिक कर्मचारियों के पास उन्नत एआई कौशल हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में तीन गुना अधिक है।
टीसीएस ने देश की कई बड़ी डिजिटल परियोजनाओं (major digital projects) का भी उल्लेख किया। कंपनी के मुताबिक सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जीईएम) को दुनिया के सबसे बड़े सरकारी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म में बदला गया, जहां पांच लाख करोड़ रुपये से अधिक की खरीद हो चुकी है। वहीं (State Bank of India) के योनो 2.0 प्लेटफॉर्म को 10 भाषाओं में 20 करोड़ उपयोगकर्ताओं के लिए अपग्रेड किया गया।
लिस्ट एंगेज, कोस्टल क्लाउड का अधिग्रहण
कंपनी ने एक करोड़ से अधिक ई-पासपोर्ट जारी करने वाली परियोजना और (Reserve Bank of India) की नई डेटा प्रबंधन प्रणाली विकसित करने का भी दावा किया, जिसे 250 टेराबाइट डेटा संभालने के लिए डिजाइन किया गया है।
एआई क्षेत्र में विस्तार के तहत टीसीएस ने अमेरिका की (ListEngage) और (Coastal Cloud) के अधिग्रहण का भी जिक्र किया। कंपनी ने टीपीजी के साथ साझेदारी में ‘हाइपरवॉल्ट’ (‘Hypervolt’) एआई इंफ्रास्ट्रक्चर कारोबार शुरू किया है, जिसके तहत भारत में एक गीगावाट क्षमता वाले डेटा सेंटर स्थापित करने की योजना है।


