
नई दिल्ली : (New Delhi) दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट (Delhi’s Patiala House Court) ने एआई शिखर सम्मेलन के दौरान अर्धनग्न प्रदर्शन के मामले में भारतीय युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता सिद्धार्थ अवधूत (Indian Youth Congress activist Siddharth Awdhoot) को जेल से रिहा करने का आदेश दिया। कोर्ट ने सिद्धार्थ अवधूत की ओर से पेश जमानती के सत्यापन के बाद यह आदेश दिया। अवधूत को हिमाचल प्रदेश से गिरफ्तार किया गया था।
कोर्ट ने 5 मार्च को ही सिद्धार्थ अवधूत की जमानत मंजूर की थी। कोर्ट ने 50 हजार के मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया था। सुनवाई के दौरान सिद्धार्थ अवधूत के वकील नंदिता राव (lawyer, Nandita Rao) ने कहा कि याचिकाकर्ता की भूमिका दूसरे सह-आरोपितों से अलग है। सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने जमानत याचिका का विरोध किया था। दिल्ली पुलिस के वकील अतुल श्रीवास्तव (Delhi Police lawyer Atul Srivastava) ने कहा कि जमानत याचिका पहले भी खारिज की जा चुकी है और वो दूसरे सह-आरोपितों को मिली जमानत को आधार नहीं बना सकता है। तब नंदिता राव ने कहा कि अवधूत के खिलाफ जांच पूरी हो चुकी है। उसके भागने का भी डर नहीं है और समाज में उसकी जड़ें गहरी हैं।
सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने कहा कि प्रदर्शनकारियों द्वारा पहनी गई टी-शर्ट को डिजाइन करने और प्रिंट करवाने में सिद्धार्थ अवधूत की मुख्य भूमिका थी। दो मार्च को पटियाला हाउस कोर्ट (Patiala House Court) की मजिस्ट्रेट कोर्ट ने इस मामले में युवा कांग्रेस के नौ कार्यकर्ताओं को जमानत दी थी। मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश को दिल्ली पुलिस ने सेशंस कोर्ट में चुनौती दी थी जिस पर नौ कार्यकर्ताओं को नोटिस जारी किया गया था।
इस मामले में युवा कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिब (Youth Congress President Uday Bhanu Chib) को 28 फरवरी को मजिस्ट्रेट कोर्ट के जमानत मिली थी। 28 फरवरी को ही सेशंस कोर्ट ने जमानत पर रोक लगा दिया था। दिल्ली उच्च न्यायालय ने 2 मार्च को चिब को जमानत पर लगी रोक को हटा दिया था। इस मामले में युवा कांग्रेस के महासचिव निगम भंडारी (Youth Congress General Secretary Nigam Bhandari) को 24 मार्च तक की अंतरिम जमानत मिल चुकी है।


