
नई दिल्ली : (New Delhi) दिल्ली उच्च न्यायालय ने रेलवे टेंडर घोटाला मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (Central Bureau of Investigation) (CBI) को नोटिस जारी किया है। जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा (Justice Swarnakanta Sharma) की बेंच ने यह नोटिस बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी (former Bihar Chief Minister Rabri Devi) की ट्रायल कोर्ट की ओर से आरोप तय करने के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए जारी किया है।
इसके पहले उच्च न्यायालय लालू यादव और तेजस्वी यादव (Lalu Yadav and Tejashwi Yadav) की अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सीबीआई को नोटिस जारी कर चुका है। राऊज एवेन्यू कोर्ट ने 13 अक्टूबर को इस मामले में लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 428, 120बी और भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धारा 13(2) के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया था। तीनों ने राऊज एवेन्यू कोर्ट (Rouse Avenue Court) के इसी आदेश को उच्च न्यायालय में चुनौती दी है।
ट्रायल कोर्ट में सुनवाई के दौरान लालू यादव के वकील मनिंदर सिंह (Lalu Yadav’s lawyer, Maninder Singh) ने कहा था कि अभियोजन चलाने के लिए कोई साक्ष्य नहीं है, ऐसे में अनुमति की वैधता सवालों के घेरे में है। उन्होंने कहा था कि पहले सीबीआई ने कहा कि लालू यादव के खिलाफ अभियोजन चलाने के लिए अनुमति की कोई जरुरत नहीं है। उसके बाद सीबीआई ने कहा कि उन्हें अभियोजन चलाने के लिए अनुमति मिल गई है। ये कानून सम्मत नहीं है। लालू यादव की दलीलों का विरोध करते हुए सीबीआई ने कहा था कि आरोपियों के खिलाफ अभियोजन चलाने के लिए पुख्ता सबूत हैं। ट्रायल कोर्ट ने 28 जनवरी, 2019 को ईडी (Enforcement Directorate) की ओर से दर्ज केस में लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव को एक-एक लाख रुपये के निजी मुचलके पर नियमित जमानत दी थी। कोर्ट ने सीबीआई की ओर से दर्ज केस में 19 जनवरी, 2019 को लालू यादव को नियमित जमानत दी थी।
कोर्ट ने 17 सितंबर, 2018 को ईडी की ओर से दायर चार्जशीट पर संज्ञान लिया था। इस मामले में ईडी ने लालू प्रसाद, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, मेसर्स लारा प्रोजेक्ट एलएलपी, सरला गुप्ता, प्रेमचंद गुप्ता, गौरव गुप्ता, नाथ मल ककरानिया, राहुल यादव, विजय त्रिपाठी, देवकी नंदन तुलस्यान,मेसर्स सुजाता होटल, विनय कोचर, विजय कोचर, राजीव कुमार रेलान और मेसर्स अभिषेक फाइनेंस प्राईवेट लिमिटेड को आरोपी बनाया है। पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव पर आरोप है कि उन्होंने रेलमंत्री रहते हुए रेलवे के दो होटलों को आईआरसीटीसी को ट्रांसफर किया और होटलों की देखभाल के लिए टेंडर जारी किये थे। रांची और पुरी के दो होटलों का आवंटन कोचर बंधु की कंपनी सुजाता होटल (Sujata Hotels) को ट्रांसफर कर दिया था।


