मुंबई : (Mumbai) भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (Communist Party of India) (CPI) के सौ वर्ष पूरे होने के अवसर पर भायखला, कामाठीपुरा और ताड़देव शाखाओं के संयुक्त तत्वावधान में शताब्दी वर्ष जाहीर सभा का आयोजन 14 दिसंबर 2025 को क्रॉस लेन, एन. एम. जोशी मार्ग, भायखला (N.M. Joshi Marg, Byculla) में किया गया। सभा उत्साह, जोश और वैचारिक प्रतिबद्धता के माहौल में संपन्न हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, मुंबई काउंसिल के सचिव कॉमरेड मिलिंद रानडे ने की।
सभा के प्रमुख वक्ता भालचंद्र मुंणगेकर (Bhalchandra Mungekar) (पूर्व कुलगुरु, मुंबई विश्वविद्यालय, राज्यसभा सांसद एवं केंद्रीय योजना आयोग के पूर्व सदस्य) रहे। अपने संबोधन में उन्होंने ब्रिटिश शासनकाल के कानपुर षड्यंत्र केस और गिरणी मजदूरों के ऐतिहासिक संघर्षों का उल्लेख करते हुए कम्युनिस्ट पार्टी के गौरवशाली इतिहास को सामने रखा। उन्होंने कहा कि ब्रिटिश सरकार और बाद में कांग्रेस सरकारों द्वारा की गई दमनकारी कार्रवाइयों के बावजूद कम्युनिस्ट पार्टी ने कभी भी श्रमिकों, वंचितों और पददलित वर्गों के मुद्दों से समझौता नहीं किया। पिछले सौ वर्षों से पार्टी ने अपनी वैचारिक निष्ठा को मजबूती से कायम रखा है, जो उसे अन्य दलों से अलग पहचान देती है।

इस अवसर पर कॉम शैलेंद्र कांबळे (Comrades Shailendra Kamble) (सचिव, माकपा), कॉम उदय भट (सीपीआई-एमएल), सत्यवान उभे, बाळ खवणेकर (शिवसेना—उद्धव बालासाहेब ठाकरे), एडवोकेट बबन मोरे (रिपब्लिकन पार्टी) और माथाड़ी मजदूर नेता गुलाबराव जगताप ने भी सभा को संबोधित किया। वक्ताओं ने कॉम अमृत श्रीपाद डांगे से मिली प्रेरणा को साझा करते हुए कम्युनिस्ट पार्टी को शताब्दी वर्ष की शुभकामनाएं दीं।
कॉम सुभाष लांडे (Comrade Subhash Lande) (सचिव, महाराष्ट्र काउंसिल, सीपीआई) ने पार्टी के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज फासीवादी भाजपा सरकार के खिलाफ संगठित और वैचारिक संघर्ष की जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार जाति और धर्म के आधार पर समाज को बांटने की राजनीति कर रही है, जिसके खिलाफ एकजुट होकर लड़ना समय की मांग है।
अध्यक्षीय भाषण में कॉम मिलिंद रानडे (Comrade Milind Ranade) ने कहा कि कम्युनिस्ट पार्टी ने पिछले सौ वर्षों से सिद्धांतों पर आधारित राजनीति की है और आगे भी फासीवादी ताकतों के खिलाफ इसी प्रतिबद्धता के साथ संघर्ष जारी रहेगा।
सभा में कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं को “जीवन गौरव” एवं “जीवन गौरव–मरणोत्तर” सम्मान से सम्मानित किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सभा को जीवंत बना दिया। मुंबई और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे और लंबे समय बाद आयोजित इस जाहीर सभा की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
सभा की प्रस्तावना कॉम क्रांति जेजुरकर (Comrade Kranti Jejurkar) ने की, अतिथियों का स्वागत कॉम प्रकाश रेड्डी ने किया, संचालन कॉम नंदकुमार मळईकर ने किया तथा आभार प्रदर्शन एड. कॉम अरुण निंबाळकर ने किया।


