मुंबई : (Mumbai) महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra government) ने बांद्रा गवर्नमेंट कॉलोनी (Bandra Government Colony) में रहने वाले लोगों को पक्के घर देने का फैसला पहले ही लिया है। सरकार इस फैसले को असरदार तरीके से लागू करने के लिए कटिबद्ध है। यह जानकारी शनिवार को लोकनिर्माण मंत्री शिवेंद्रसिंह राजे भोसले (Public Works Minister Shivendrasinh Raje Bhosale) ने नागपुर विधानसभा में दी।
विधायक वरुण सरदेसाई (MLA Varun Sardesai) ने इस बारे में सवाल पूछा था। इसे जवाब में मंत्री भोसले ने कहा कि कैबिनेट के फैसले के बाद चीफ सेक्रेटरी की अध्यक्षता में एक हाई-लेवल कमेटी बनाई गई थी। इस कमेटी की एक मीटिंग भी हो चुकी है। बांद्रा गवर्नमेंट कॉलोनी की कुल 90 एकड़ ज़मीन का रिव्यू किया गया है। इस इलाके में कुल 370 इमारतें थीं, जिनमें से 68 खतरनाक इमारतों को गिरा दिया गया है। सरकार ने हाई कोर्ट के लिए कुछ प्लॉट देने का भी फैसला किया है।
मंत्री भोसले ने कहा कि पांच से 25 साल से रह रहे नागरिकों को कैसे शामिल किया जाए और कितने समय से रह रहे लोगों को पात्र माना जाए, इस पर आखिरी फैसला कमेटी लेगी। कमेटी यह भी अध्ययन कर रही है कि कॉलोनी में पुनर्वास के लिए कितनी ज़मीन उपलब्ध है। अगर भविष्य में हाई कोर्ट के लिए और ज़मीन देनी पड़ी तो कितना एरिया बचेगा। उन्होंने कहा कि अगर बांद्रा सरकारी एरिया में काफी ज़मीन उपलब्ध नहीं है, तो मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन एरिया में दूसरी जगहें ढूंढी जाएंगी।


