नई दिल्ली : (New Delhi) दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट (Delhi’s Patiala House Court) ने लाल किला के पास विस्फोट मामले के चार आरोपितों की एनआईए हिरासत सात दिन और बढ़ा दी है। चारों आरोपितों की एनआईए हिरासत आज खत्म हो रही थी, जिसके बाद शनिवार को उन्हें कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने 20 नवंबर को चारों को आज तक की एनआईए हिरासत में भेजा था।
कोर्ट ने जिन आरोपितों की एनआईए हिरासत बढ़ाने का आदेश दिया, उनमें पुलवामा के डॉ मुजम्मिल शकील गनई , जम्मू-कश्मीर के डॉ आदिल अहमद रतहर, लखनऊ के डॉ शाहीन सईद और जम्मू-कश्मीर के मुफ्ती इरफान वागे शामिल हैं। इसके पहले कोर्ट ने 27 नवंबर को मामले के आरोपित और आत्मघाती हमलावर डॉ. उमर नबी (associate of suicide bomber Dr. Umar Nabi) के सहयोगी जसीर बिलाल वानी उर्फ दानिश की एनआईए हिरासत सात दिनों के लिए बढ़ाई थी। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (National Investigation Agency) (NIA) के मुताबिक दानिश ने ड्रोन में तकनीकी बदलाव किए और कार बम विस्फोट से पहले रॉकेट तैयार करने की कोशिश की।
एनआईए के मुताबिक दानिश ने उमर उन नबी के साथ मिलकर पूरी साजिश को अंजाम देने में अहम भूमिका निभाई। एनआईए के मुताबिक राजनीति विज्ञान में स्नातक दानिश को आत्मघाती हमलावर बनाने के लिए उमर ने ब्रेनवाश किया। वह अक्टूबर 2024 में कुलगाम की एक मस्जिद में डॉक्टर मॉड्यूल से मिलने को तैयार हुआ, जहां से उसे हरियाणा के फरीदाबाद में अल फलाह विश्वविद्यालय में रहने के लिए ले जाया गया। दानिश को पहले जम्मू-कश्मीर पुलिस ने हिरासत में लिया था और पूछताछ में उसने खुलासा किया था कि मॉड्यूल के अन्य लोग उसे प्रतिबंधित जैश-ए-मोहम्मद के लिए ओवर-ग्राउंड वर्कर (over-ground worker) (OGW) बनाना चाहते थे, जबकि उमर कई महीनों से उसका ब्रेनवॉश कर आत्मघाती हमलावर बनने के लिए तैयार कर रहा था।
एनआईए के मुताबिक उमर की यह कोशिश इस साल अप्रैल में उस समय नाकाम हो गई जब दानिश ने अपनी खराब आर्थिक स्थिति और इस्लाम में आत्महत्या को गलत मानने का हवाला देते हुए इससे इनकार कर दिया था। इस मामले में एनआईए अब तक सात आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी है।


