मुंबई : (Mumbai) महाराष्ट्र के मुलुंड में स्थित मुलुंड कालोनी में फर्जी कालसेंटर से ‘इंटरनेशनल लोन सर्विस’ के नाम पर महाठगी (“International Loan Service” from a fake call center in Mulund Colony) करने वाले पांच आरोपितों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इस मामले में मुख्य आरोपित अभी भी फरार है। मुलुंड पुलिस स्टेशन की टीम और महाराष्ट्र साइबर पुलिस इस मामले की गहन छानबीन कर रही है।
मामले की छानबीन कर रहे पुलिस उपनिरीक्षक अजय जोशी (Police Sub-Inspector Ajay Joshi) ने गुरुवार को बताया कि उनकी टीम को मुलुंड में फर्जी काल सेंटर के माध्यम से धोखाधड़ी किए जाने की गोपनीय जानकारी मिली थी। इसी जानकारी के आधार पर पुलिस ने फर्जी काल सेंटर पर छापा मारकर पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया और इन सभी के पास से लैपटॉप, मोबाइल फोन, कंप्यूटर समेत कई सबूत ज़ब्त किए गए हैं। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान सागर गुप्ता, अभिषेक सिंह, तनय धाड़सिंह, शैलेश शेट्टी और रोहन अंसारी के रुप में की गई है । इस मामले का मुख्य सरगना प्रशांत राजपूत (Prashant Rajput) अभी भी फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
इस मामले की छानबीन में पता चला है कि यह गिरोह एक असली कॉल सेंटर की तरह काम कर रहा था। उनके पास विदेशी नागरिकों का एक डेटाबेस था। वे फर्जी वेबसाइट और ईमेल के ज़रिए उनसे संपर्क करते थे। आकर्षक ब्याज दरों और तुरंत लोन का लालच देकर यह गिरोह संबंधित नागरिकों से ‘प्रोसेसिंग फीस’ (processing fee) वसूलता था, लेकिन यह फीस रुपये या डॉलर में नहीं, बल्कि नामी दुकानों के गिफ्ट वाउचर के ज़रिए ली जाती थी। जब कोई ग्राहक उनके जाल में फंस जाता था, तो उससे मिले गिफ्ट वाउचर तुरंत सूरत में मुख्य सरगना प्रशांत राजपूत को भेज दिए जाते थे। इस तरह, गिरोह पर हज़ारों डॉलर के गिफ्ट कार्ड हासिल करके बड़े पैमाने पर विदेशी नागरिकों से ठगी किया जाता है। इस मामले की गहन छानबीन जारी है। पुलिस ने नागरिकों से सतर्क रहने और विदेश से किसी भी अनजान नंबर से आने वाले लोन या गिफ्ट ऑफर पर भरोसा न करने का आग्रह किया है।


