नई दिल्ली : (New Delhi) दिल्ली सरकार के कला, संस्कृति एवं भाषा तथा पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा की (presence of Kapil Mishra, Minister of Art, Culture, Language, and Tourism, Government of Delhi) उपस्थिति में “रानी गैदिनल्यू – आइकॉनिक वुमन ऑफ नॉर्थ ईस्ट इंडिया” (“Rani Gaidinliu – Iconic Woman of Northeast India”) फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग फिल्म प्रभाग, 1 महादेव रोड नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में की गई। यह प्रेरणादायक फिल्म उत्तर-पूर्व भारत की वीरांगना, स्वतंत्रता सेनानी और नागा आध्यात्मिक शख्सियत रानी गैदिनल्यू के जीवन और उनके असाधारण योगदान को समर्पित है। इस फिल्म के माध्यम से रानी गैदिनल्यू के जीवन, उनके संघर्ष और राष्ट्र के प्रति समर्पण को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया है।
इस मौके पर प्रसार भारती के चेयरमैन नवनीत सहगल (Prasar Bharati Chairman Navneet sehgal) के साथ ही एनएफडीसी के वरिष्ठ अधिकारी, फिल्म के निर्देशक दीपक एसवी, सह-निर्देशक एवं संवाद लेखिका डिंपल दुगर, निर्माता पृथुल कुमार, उपस्थित रहे।
मंत्री कपिल मिश्रा ने फिल्म की सराहना करते हुए कहा कि आज के समय में जब अधिकतर फिल्में केवल व्यावसायिक दृष्टिकोण से बनाई जाती हैं, ऐसे में समाज के लिए प्रेरणास्रोत और राष्ट्र के प्रति चेतना जगाने वाली इस प्रकार की फिल्में विशेष महत्व रखती हैं। इस फिल्म ने भारत के इतिहास के उस अध्याय को उजागर किया है जिसके बारे में बहुत से लोगों को अभी तक जानकारी नहीं थी। उत्तर-पूर्व की इस वीरांगना का योगदान वास्तव में अनुकरणीय है। उन्होंने आगे कहा कि हम सभी झांसी की रानी लक्ष्मीबाई को जानते हैं, लेकिन भारत के हर कोने में हर प्रांत में कोई न कोई लक्ष्मीबाई रही है; कोई न कोई वीरांगना जिसने अपने साहस और बलिदान से देश की स्वतंत्रता में योगदान दिया। रानी गैदिनल्यू भी ऐसी ही एक महान विभूति थीं, जिन्होंने अंग्रेजों और आक्रमणकारियों से डटकर संघर्ष किया। इस फिल्म के माध्यम से उनकी गाथा को नए युग तक पहुंचाना अत्यंत सराहनीय प्रयास है।
कपिल मिश्रा ने आगे कहा कि सिनेमा वह सशक्त माध्यम है जो समाज के कोने-कोने तक (cinema is a powerful medium that reaches every corner of society) पहुंचता है। यदि हमारी रचनात्मक ऊर्जा – चाहे वह लेखन, अभिनय या काव्य के रूप में हो – राष्ट्र और धर्म के उत्थान में प्रयुक्त हो, तो यही हमारे सृजन का सबसे बड़ा उद्देश्य होगा। यह फिल्म रानी गैदिनल्यू के जीवन से प्रेरणा लेकर समाज में देशभक्ति, साहस और सांस्कृतिक अस्मिता की भावना को सशक्त करने का संदेश देती है।


