नई दिल्ली : (New Delhi) राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (National Company Law Tribunal) (NCLT) ने देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड (Maruti Suzuki India Limited) (MSIL) के साथ सुजुकी मोटर गुजरात के विलय को मंजूरी दे दी है।
मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड (Maruti Suzuki India Limited) ने रेगुलेटरी फाइलिंग को बताया कि राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण की दिल्ली स्थित दो सदस्यीय पीठ ने सुजुकी मोटर गुजरात प्राइवेट लिमिटेड (हस्तांतरणकर्ता कंपनी) और मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड (हस्तांतरिती कंपनी) की संयुक्त याचिका को मंजूरी दे दी है। पीठ ने इस विलय योजना के लिए नियत तारीख एक अप्रैल, 2026 प्रस्तावित की है।
एनसीएलटी पीठ के अध्यक्ष रामलिंगम सुधाकर और सदस्य रवींद्र चतुर्वेदी (NCLT bench Chairman Ramalingam Sudhakar and Member Ravindra Chaturvedi) ने कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 230 से 232 के तहत दोनों कंपनियों के प्रस्तावित विलय की योजना को मंजूरी दी है। पीठ ने अपने फैसले में कहा कि संबंधित प्राधिकारियों के रुख और सभी याचिकाकर्ता कंपनियों के सदस्यों और लेनदारों की स्वीकृति पर विचार करने के बाद इस योजना को मंजूरी देने में कोई बाधा नहीं है।
कंपनी के मुताबिक न्यायाधिकरण ने कहा कि यह योजना दोनों याचिकाकर्ता कंपनियों, उनके शेयरधार कों, लेनदारों, कर्मचारियों और सभी संबंधित पक्षों के हित में है, और मौजूदा योजना को मंजूरी देने में कोई बाधा नहीं है। पीठ ने पाया कि आयकर विभाग और आधिकारिक परिसमापक, अहमदाबाद ने इस विचाराधीन योजना के संबंध में अपनी कोई आपत्ति दर्ज नहीं की है। इसके अलावा अन्य वैधानिक प्राधिकरण जैसे आरबीआई, सेबी, बीएसई और एनएसई ने भी कोई आपत्ति दर्ज नहीं की है।


