चंडीगढ़ : (Chandigarh) हरियाणा के पूर्व वित्त मंत्री एवं पूर्व नेता प्रतिपक्ष रहे संपत्त सिंह (Former Haryana Finance Minister and Leader of the Opposition Sampat Singh) ने करीब 16 साल बाद बुधवार को फिर से इंडियन नेशनल लोकदल (Indian National Lok Dal) में वापसी कर ली। पूर्व उप प्रधानमंत्री स्वर्गीय देवीलाल (former Deputy Prime Minister late Devi Lal) के थिंक टैंक के नाम से प्रसिद्ध संपत सिंह को चंडीगढ़ स्थित मुख्यालय में इनेलो के राष्ट्रीय अभय चौटाला तथा प्रदेश अध्यक्ष रामपाल माजरा ने पार्टी में शामिल कराया। संपत सिंह के अलावा उनके बेटे गौरव संपत सिंह व अन्य कई समर्थक भी आज इनेलो में शामिल हुए।
प्रोफेसर संपत सिंह ने कहा कि जो मंच उन्हें चौधरी देवीलाल और चौधरी ओमप्रकाश चौटाला (Professor Sampat Singh said that the platform provided to him by Chaudhary Devi Lal and Chaudhary Om Prakash Chautala) ने दिया आज फिर से काम करने के लिए वही मंच अभय चौटाला ने दिया है। संपत सिंह ने कहा कि मेरे लिए बुरा दिन था जब मैं इनेलो छोड़कर कांग्रेस में गया था। कांग्रेस में मेरे 16 साल खराब हुए हैं। भूपेंद्र हुड्डा (Bhupinder Hooda) को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि कांग्रेस के नेता साल 2016 के राज्यसभा चुनाव के स्याही कांड के बारे में बोलते नहीं हैं जब इन्होंने पेन बदल कर वोट चोरी किए। कांग्रेस के पास 37 विधायक हैं। चार महीने से किसानों के घर और खेत डूबे हुए हैं। इसके बावजूद कांग्रेस ने कुछ नहीं किया।
इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला ने कहा कि यह इनेलो के लिए यह बड़ा दिन है। हमारी पार्टी में चौधरी देवीलाल और चौधरी ओमप्रकाश चौटाला के बाद संपत सिंह और रामपाल माजरा ने संघर्ष किया। रामपाल माजरा प्रदेशाध्यक्ष हैं। चौधरी संपत सिंह हमारे सबसे पुराने साथी है। इसलिए चौधरी संपत सिंह को पार्टी का राष्ट्रीय संरक्षक बना रहे हैं। अभय चौटाला ने दावा किया कि संपत सिंह और रामपाल माजरा को इनेलो पार्टी छोड़ने के लिए अजय चौटाला ने मजबूर किया था। इस दौरान राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष आरएस चौधरी, राष्ट्रीय प्रधान महासचिव प्रकाश भारती, संगठन सचिव उमेद लोहान, इनेलो विधायक आदित्य देवीलाल, पार्टी सचिव नछत्तर सिंह मलहान मौजूद रहे।


