एंकोरेज (अलास्का) संयुक्त राज्य अमेरिका : (Anchorage) अलास्का शिखर सम्मेलन में शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर वी. पुतिन (US President Donald J. Trump and Russian President Vladimir V. Putin) ने यूक्रेन में युद्धविराम पर चर्चा की। दोनों नेताओं के मध्य एंकोरेज स्थित ज्वाइंट बेस एल्मेंडॉर्फ-रिचर्डसन में लगभग तीन घंटे बैठक चली। इसके बाद दोनों ने संयुक्त रूप से पत्रकारों से बातचीत की। अमेरिकी राष्ट्रपति ने युद्धविराम का दारोमदार यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमीर जेलेंस्की (Ukrainian President Vladimir Zelensky) पर छोड़ दिया।
द न्यूयॉर्क टाइम्स की खबर के अनुसार, ट्रंप और पुतिन ने शिखर वार्ता बिना किसी मुद्दे पर सहमति की घोषणा किए संपन्न की। ट्रंप ने प्रगति का अस्पष्ट लेकिन सकारात्मक आकलन करते हुए कहा, “कई बिंदुओं पर सहमति बन गई है। अब बहुत कम बिंदु बाकी हैं।” पुतिन ने कहा, “हम इस बात से आश्वस्त हैं कि समझौते को स्थायी और दीर्घकालिक बनाने के लिए हमें संघर्ष के सभी प्राथमिक कारणों को समाप्त करना होगा।”
पुतिन ने कहा कि मॉस्को की मांग है कि यूक्रेन अपनी जमीन का एक बड़ा हिस्सा रूस को सौंपे। निरस्त्रीकरण करे। नाटो में शामिल न होने की शपथ ले। इस पर सेवानिवृत्त जनरल और रूसी संसद के सदस्य आंद्रेई गुरुल्योव (Russian Parliament Andrei Gurlyov) ने कहा कि बैठक के बाद पुतिन की टिप्पणियों से पता चलता है कि क्रेमलिन का रुख अडिग है।
पुतिन ने कहा, “आज राष्ट्रपति ट्रंप कह रहे थे कि अगर वह उस समय राष्ट्रपति होते, तो कोई युद्ध नहीं होता और मुझे पूरा यकीन है कि ऐसा ही होगा। मैं इसकी पुष्टि कर सकता हूं।” ट्रंप ने कहा कि वह जल्द ही नाटो नेताओं, यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की (Ukrainian President Zelensky) और अन्य लोगों को फोन करके बैठक में हुई बातचीत की जानकारी देंगे। सैकड़ों पत्रकारों के सवालों के जवाब दिए बिना जाने से पहले ट्रंप ने कहा, “शायद जल्द ही फिर मिलेंगे।” पुतिन ने भी कहा, “अगली बार मॉस्को में।”
रूस की समाचार एजेंसी तास के अनुसार, शिखर सम्मेलन के बाद पुतिन और ट्रंप ने मीडिया के सामने आए। उन्होंने सवालों के जवाब देने से परहेज किया और फिर थोड़ी देर खड़े-खड़े बातचीत की। इसके बाद पुतिन ने एंकोरेज में दफनाए गए सोवियत पायलटों की कब्रों पर फूल चढ़ाए और रूस वापस लौट गए। रूसी नेता का विमान स्थानीय समयानुसार सुबह 10:54 बजे (जीएमटी शाम 6:54 बजे) एल्मेंडॉर्फ-रिचर्डसन स्थित संयुक्त बेस (Joint Base Elmendorf-Richardson) पर उतरा। एंकोरेज स्थित हवाई अड्डे पर आधिकारिक तस्वीर लेने से पहले पुतिन और ट्रंप ने संक्षिप्त बातचीत की। इस मौके पर दोनों नेताओं ने प्रेस से बातचीत करने से परहेज किया।
क्रेमलिन प्रेस सेवा के फुटेज के अनुसार, बंद कमरे में हुई वार्ता सुबह 11:26 बजे (शाम 7:26 जीएमटी) शुरू हुई। राष्ट्राध्यक्षों के अलावा, रूसी पक्ष का प्रतिनिधित्व क्रेमलिन के सहयोगी यूरी उशाकोव (Kremlin aide Yuri Ushakov) और विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और अमेरिकी पक्ष का प्रतिनिधित्व विदेश सचिव मार्को रुबियो और ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने किया। पुतिन ने आशा व्यक्त की कि ट्रंप के साथ उनकी सहमति यूक्रेन में शांति का मार्ग प्रशस्त करेगी।
रूसी राष्ट्रपति ने सुझाव दिया कि अगली बैठक मास्को में हो। ट्रंप ने कहा कि यह संभव है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने स्वीकार किया कि इसके लिए उनकी आलोचना की जाएगी। सीएनएन की खबर के अनुसार, शिखर सम्मेलन समाप्त होने पर ट्रंप ने जिस युद्धविराम की बात कही, वह वास्तविकता से कोसों दूर है,क्योंकि उन्होंने “समझौता करने” की जिम्मेदारी यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की पर डाल दी। चैनल का कहना है कि यह एक दिखावटी शिखर सम्मेलन का अनिर्णायक अंत है।
शिखर सम्मेलन के तुरंत बाद एक साक्षात्कार में फॉक्स न्यूज ने ट्रंप से उन क्षेत्रीय रियायतों के बारे में पूछा कि क्या रूस को वह जमीन मिलेगी जो उसके पास पहले नहीं थी? ट्रंप ने कहा, “मुझे लगता है कि ये वो मुद्दे हैं जिन पर हमने बातचीत की है और हम काफी हद तक सहमत हैं।” उन्होंने जोर देकर कहा कि यूक्रेन को “इस पर सहमत होना होगा।” जेलेंस्की के लिए उनकी क्या सलाह है? यह पूछे जाने पर ट्रंप ने जवाब दिया, “समझौता करना होगा।”


