नई दिल्ली : (New Delhi) दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट (Delhi’s Patiala House Court) ने 2008 में 26 नवंबर को मुंबई में हुए आतंकी हमलों के आरोपित और साजिशकर्ता तहव्वुर राणा (petition seeking permission for Tahawwur Rana) को अपने परिवार से नियमित रुप से बात करने की अनुमति देने की मांग करने वाली याचिका पर जवाब देने के लिए एनआईए को समय दे दिया है। स्पेशल जज चंदर जीत सिंह ने एनआईए को 25 जुलाई तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई 25 जुलाई को होगी।
सुनवाई के दौरान तहव्वुर राणा की ओर से पेश विधिक सेवा के वकील पीयुष सचदेव (lawyer Piyush Sachdev)पेश हुए। आज कोर्ट ने राणा को जेल में एक बेड और मैट्रेस उपलब्ध कराने की अनुमति दे दी। कोर्ट ने कहा कि तहव्वुर राणा की उम्र 64 वर्ष है और उसे स्वास्थ्य संबंधी समस्या है। तहव्वुर राणा फिलहाल न्यायिक हिरासत में है। कोर्ट ने 9 जून को राणा को एक बार जेल अधिकारी की निगरानी में अपने परिवार से बात करने की अनुमति दी थी। कोर्ट ने जेल प्रशासन से ये भी स्पष्टीकरण देने को कहा था कि क्या तहव्वुर राणा को को आगे भी अपने परिवार से फोन पर बात करने की अनुमति दी जा सकती है।
कोर्ट ने 9 जुलाई को उसकी न्यायिक हिरासत 13 अगस्त तक बढ़ा दिया था। 9 जुलाई को एनआईए ने तहव्वुर राणा के खिलाफ पूरक चार्जशीट दाखिल किया था। कोर्ट ने पूरक चार्जशीट पर भी 13 अगस्त को सुनवाई करने का आदेश दिया था। 3 मई को कोर्ट में तहव्वुर राणा के आवाज और लिखावट के नमूने लिए गए थे। एनआईए ने 10 अप्रैल की शाम को तहव्वुर को दिल्ली के पालम वायुसेना अड्डे पर उतरते ही गिरफ्तार किया था।
बता दें कि अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट (US Supreme Court) द्वारा प्रत्यर्पण के खिलाफ राणा की याचिका खारिज किए जाने के बाद उसे लाने के लिए भारतीय एजेंसियों की एक टीम अमेरिका गई थी। तहव्वुर राणा पाकिस्तानी मूल का कनाडाई नागरिक है। 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक अमेरिकी नागरिक डेविड कोलमैन हेडली उर्फ दाऊद गिलानी का करीबी सहयोगी है।
64 वर्षीय तहव्वुर राणा के समर्थन की वजह से उस समय भारत में हेडली की आवाजाही आसान हो गई थी। पाकिस्तान मूल के तहव्वुर राणा और डेविड कोलमैन हेडली बचपन के दोस्त थे और दोनों ने एक ही सैनिक स्कूल से पढ़ाई की थी। तहव्वुर राणा ने डेविड कोलमैन हेडली की मदद के लिए मुंबई में एक एजेंसी खोली थी।


