लखनऊ : सुलतानपुर की सासंद मेनका गांधी द्वारा एक बिजली उपभोक्ता द्वारा किये गये ट्वीट को राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने जोर-शोर से उठाया है और सभी बिजली कंपनियों को इसे नसीहत की रूप में लेने की सलाह दी है। उपभोक्ता परिषद ने कहा है कि यह आम बात हो गयी है कि पहले उपभोक्ता का बिल बढ़ाकर दे दो, फिर कम कराने के नाम पर उगाही करो। इसमें सभी कंपनियों को सुधार लाना चाहिए।
भारतीय जनता पार्टी की सुलतानपुर की सांसद मेनका संजय गांधी ने मंगलवार को बिजली के मामले पर एक वीडियो ट्वीट किया। उसमें उनके द्वारा एक किसान की कहानी बताते हुए यह कहा जा रहा है कि उनके पास एक किसान आया, वह अपने घर में एक बल्ब जलाता है, उसका बिजली का बिल रुपया 8000 का था। वह अधिशासी अभियंता के पास गया और उसने कहा कि हमारा बिल ठीक करो नहीं तो हम सांसद के पास जाएंगे और 10 मिनट के अंदर अधिशासी अभियंता ने किसान का बिजली का बिल रुपया 258 कर दिया। आगे उन्होंने कहा कि यह रोज-रोज होता है।
उपभोक्ता परिषद ने कहा कि सांसद ने एक घटना बयान करके ओवर बिलिंग की पोल खोल दी। सही मामले में पूरे उत्तर प्रदेश की सभी बिजली कंपनियों में लाखों विद्युत उपभोक्ता बिजली बिल गड़बड़ी को लेकर बिजली दफ्तरों के चक्कर लगाते रहते हैं। कहीं मीटर रीडिंग गलत है। कहीं भार गलत है। कहीं उनका बिल गलत है। ऐसे में अब सभी बिजली कंपनियों को सांसद की। इस गंभीर बात को ध्यान में रखते हुए अपने में सुधार लाना चाहिए, इससे जहां बिजली विभाग की छवि भी सुधरेगा। वहीं प्रदेश के उपभोक्ताओं के साथ न्याय भी होगा।
उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि आज भारतीय जनता पार्टी की सांसद मेनका संजय गांधी ने एक वीडियो ट्वीट किया। बिजली बिल के मामले में वह तो एक उदाहरण मात्र है। पावर कार्पोरेशन प्रबंधन व बिजली कंपनियों को उसे एक उदाहरण मानकर एक बड़ा अभियान चलाना चाहिए। पूरे प्रदेश में इस प्रकार की घटनाएं बड़े पैमाने पर हो रही हैं। उपभोक्ताओं की ओवर बिलिंग कोई नई बात नहीं है। इस पर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में भी कई बार मुद्दा उठा है। प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं के बिल को पहले ज्यादा बना दो फिर उसको सही करो यह उपभोक्ताओं के शोषण का एक बडा जरिया है। उपभोक्ता चाह कर भी मुआवजा कानून का लाभ नहीं ले पा रहे हैं, क्योंकि प्रदेश में मुआवजा कानून को लागू हुए एक वर्ष से ज्यादा बीत गया। उसे सही मायने में आज तक धरातल पर नहीं उतारा गया। ऐसे में बिजली कंपनियों को अपने में सुधार लाते हुए सांसद की बातों को ध्यान देते हुए एक बड़ा अभियान ओवर बिलिंग पर चलना चाहिए।


