भागलपुर : देश के प्रसिद्ध खानकाह-ए-पीर शाह के 15वें सज्जादानशीं सैयद शाह फखरे आलम हसन ने सोमवार को कहा कि रमजान सब्र और माफी का महीना है।
इस मोकद्दस महीने में लोगों की दुआ कबूल होती है। लिहाजा उम्मत-ए-मोहम्मदिया अल्लाह को खुश और राजी करने के लिए इबादत और जिक्र में लग जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि रमजान का मोकद्दस महीना शुरू होते ही तमाम अहले इमाम नेकियों की राह पर चलने के लिए तैयार हैं। दुनिया भर में हर्षोल्लास के साथ रमजान का मोकद्दस महीना इबादतों और नेकियों के एहतेमाम के साथ मनाया जाता है।
इस मुबारक महीने में ईमान वालों का रिजक बढ़ा दिया जाता है और नफिल इबादत का सबाव फर्ज के बराबर कर दिया जाता है तथा एक फर्ज का शबाव 70 फर्ज अदा करने के बराबर मिलता है। शाह हसन ने कहा कि यह भलाई और खिदमत-ए-खलक करने का महीना है। जो किसी रोजेदार को इफ्तार करा दे उसको भी रोजा रखने का शबाव मिलता है। रमजान का महीना अल्लाह से माफी मांगने और रहमत तलब करने का महीना है।
सज्जादानशीं शाह हसन ने देश वासियों को पवित्र महीना रमज़ान की बधाई दी है। उन्होंने अपने संदेश में कहा है कि रोजेदारों को चाहिए कि वह इस पवित्र महीने में देश में अमन और शांति और भाईचारा के लिए खुदा से दुआ करनी चाहिए। यही वह पवित्र महीना जिसमें अल्लाह अपने बंदों की दुआ कबूल करता है।


