देहरादून: (Dehradun) एसटीएफ ने नकली हर्बल दवाइयां बनाने की फैक्टरी का पर्दाफाश करते हुए दो सगे भाइयों को गिरफ्तार कर भारी मात्रा में नकली दवाइयों का जखीरा बरामद किया।एसएसपी एसटीएफ आयुष अग्रवाल ने बताया गया कि एसटीएफ को सितारगंज में अवैध दवाई फैक्टरी संचालित होने की सूचना मिली थी। इस पर कुमायूं टीम को निर्देशित किया गया था। बीती शाम सीओ एसटीएफ सुमित पाण्डे की टीम ने सितारगंज के थारु गौरीखेड़ा क्षेत्र में स्थानीय प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग को साथ लेकर एक घर में छापेमारी की तो टीम को वहां पर हर्बल दवाओं के नाम पर भारी मात्रा में चूर्ण, कैप्सूल, पाउडर मिला। हालांकि दवाओं में किसी ब्रांड के रैपर, टैग नही लगे थे। इन दवाओं की ताकत बढ़ाने और बीमारियों के इलाज के लिए ऑनलाइन बिक्री की जा रही थी।
एसएसपी एसटीएफ अग्रवाल के मुताबिक, टीम को मुर्गा लिखे हुए चूर्ण के कट्टे मिले हैं। इसी चूर्ण को प्लास्टिक के कैप्सूलों में भरा गया है। सम्बन्धित विभाग ने इन दवाओं के सैंपल लिये हैं। हर्बल दवा के नाम पर ऑनलाइन दवा बेचने वाले दो लोगों ने इस मकान को किराये पर लिया गया था। चार माह से बिना लाइसेंस दोनों इस मकान में दवाओं को बनाकर ऑनलाइन व्यापार कर रहे थे। इनके द्वारा विभिन्न बीमारियों के इलाज में पार्सल से दवा भेजकर मोटी रकम वसूली जा रही थी7 एक डिब्बे के 1575 रुपये वसूले जाते थे।
उन्होंने बताया कि सभी प्रकार की बीमारियों में एक ही प्रकार की दवा भेजी जाती थी। इन दवाओं के सम्बन्ध में फोरेसिंक जांच से ही वास्तविकता सामने आ पायेगी। फिलहाल बरामद दवाइयों और मकान को सीलबन्द कर दिया गया है। पकडे़ गये दोनों व्यक्तियों ने अपने नाम सलमान पुत्र मोहम्मद हनीफ निवासी ग्राम उदयपुर थाना अमरिया जिला पीलीभीत उत्तर प्रदेश, फैजान पुत्र मोहम्मद हनीफ निवासी ग्राम उदयपुर थाना अमरिया जिला पीलीभीत बताया। एसटीएफ ने दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनको न्यायालय में पेश किया जहां से उनको न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।


