बड़वानी : जिले के सेंधवा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम धनोरा में जहरीला पानी पीने से चाचा-भतीजे की मौत हो गई। वहीं, परिवार के 10 अन्य लोग बीमार हैं। इनमें से पांच को सेंधवा के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि चार लोगों का महाराष्ट्र में जलगांव के चोपड़ा अस्पताल और एक शिरपुर अस्पताल में उपचार जारी है।
मृतकों के रिश्तेदार निलेश मोरे ने बताया कि धनोरा गांव से एक ही परिवार के 12 लोग करीब 15 दिन पहले मजदूरी करने के लिए महाराष्ट्र के पीपलकोठा गए थे। इनमें से सात लोग बुधवार शाम को गांव लौटे थे। रात में इनको उल्टी-दस्त होने लगे। सभी को अस्पताल ले जाया गया, जहां देर रात रतीलाल (13) और तीरा (40) ने दम तोड़ दिया।
एक अन्य परिजन प्यारीबाई ने बताया कि उसके देवर और जेठ के लड़के की मौत हो गई है। पूरा परिवार पीपलकोठा में मिर्च के खेत में मजदूरी करने गया था। बुधवार सुबह खेत मालिक ने हौज में कीटनाशक मिलाया और वॉल्व खोलकर पानी खेत में छोड़ दिया। इसी वॉल्व से सभी ने पानी पी लिया। इसके बाद उल्टी करते हुए खेत की झोपड़ी तक आते-आते सभी बेसुध हो गए। हालत संभली तो सात लोग गांव लौट आए।
सेंधवा सिविल अस्पताल के चिकित्सक डॉ. रितेश काग ने बताया कि हॉस्पिटल पहुंचने से पहले ही इनमें से दो लोगों की मौत हो चुकी थी। शायद जहरीला भोजन खाने या पानी पीने से ये लोग बीमार हुए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही कारण स्पष्ट हो पाएगा। फिलहाल, धानकी बाई (40) पत्नी जबरसिंग, सोनू (14) पुत्र जबरसिंग, बबीता (12) पुत्री जबरसिंग, संग्राम (10) पुत्र जबरसिंग और झीनली बाई (50) पत्नी श्रीराम सिविल अस्पताल में भर्ती हैं।


