spot_img

Shimla : एनएच-3 के निर्माण में लोगों को आ रही दिक्कतों को लेकर हाई पावर कमेटी गठित होगी : विक्रमादित्य सिंह

minister : NH construction : high-power commetti

शिमला : लोक निर्माण विभाग मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा है कि नेशनल हाईवे-3 के निर्माण कार्यों पर लोगों की शिकायतों को लेकर एक हाईपावर कमेटी गठित की जाएगी। सुजानपुर के विधायक राजेंद्र राणा की ओर से नियम 62 के तहत लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि जब वह मंडी के दौरे पर थे तब विधायकों ने इस मामले को उठाया था।

उन्होंने कहा कि हिमाचल में तीन श्रेणियों के नेशनल हाईवे बनाए जाते हैं। एक एनएचएआई के माध्यम से फोरलेनिंग, दूसरे सीधे सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से किया जाता है और तीसरी श्रेणी में पीडब्ल्यूडी एनएच विंग राज्य सरकार का काम करता है। उन्होंने कहा कि यह हाइवे राजमार्ग यह सड़क दूसरी श्रेणी में आता है। इसका कार्य राजमार्ग मंत्रालय के माध्यम से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी समस्या यह है कि इसकी डीपीआर 2007-09 तक बनाई गई लेकिन इस पर 2015 में काम शुरू हुआ। लोगों द्वारा इसके आसपास निर्माण के कारण इसकी एलाइनमेंट भी बदलाव आया है. उन्होंने कहा कि यह सड़क मंडी सरकाघाट से लेकर सुजानपुर होकर यह सड़क जाती है। मौजूदा बरसात में इस क्षेत्र में बारिश ने काफी तबाही मचाई है। उन्होंने कहा कि एनएच निर्माण कार्य के दौरान जो पानी की टूटी हुई हैं उनको जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। मलबे को डंपिंग साइट पर डाला जा रहा है. उन्होंने कहा कि इस बरसात में कई मकान प्रभावित हुए हैं, उनको पूरा सहयोग दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके निर्माण के दौरान जो समस्याएं आ रही हैं उनका निराकरण किया जाएगा। इसके लिए एक हाई पावर कमेटी डीसी की अध्यक्षता में होगी जिसमें राजमार्ग मंत्रालय के सदस्य होंगे और जो भी दिक्कत आ रही हैं, उनका समाधान किया जाएगा। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि इस मामले को नितिन गडकरी के सामने उठाया जाएगा।

इससे पहले सुजानपुर टिहरा के विधायक राजेंद्र राणा ने विधानसभा में नियम-62 के तहत यह मामला उठाते हुए कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग-3 पर हो रहे निर्माण कार्य के चलते हमीरपुर से मंडी तक स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सडक़ परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की तरफ से 3 पैकेजों में बनने वाली इस सडक़ के कार्य को निर्माण करने वाली कंपनी ने सबलैट किया है। इतना ही नहीं जिसे यह कार्य सबलैट किया गया है, उसकी तरफ से आगे भी यह कार्य अन्य ठेकेदारों को सबलैट किया गया है, जिससे गुणवत्तापूर्ण कार्य नहीं हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभावित लोगों को दिए जाने वाले मुआवजे में भी अनियमितता हुई है। यानि किसी को 3 लाख रुपए तो किसी को 12 लाख रुपए के हिसाब से मुआवजा दिया गया है। सडक़ में लगे डंगे अभी ही गिरने लगे हैं और पानी की पाइपों को निर्माण करने वाली कंपनी बार-बार तोड़ रही है। लोगों की तरफ से इसकी शिकायत करने पर उनको कंपनी की तरफ से धमकाया जाता है तथा गाडिय़ों को खड़ा करने में दिक्कत आ रही है। उन्होंने निर्माण कार्य के दौरान की जा रही अनियमितता के लिए उच्च स्तरीय कमेटी का गठन करने की मांग की, ताकि लोगों को न्याय मिल सके।

Explore our articles