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New Delhi : आकाश, ईशा और अनंत अंबानी रिलायंस बोर्ड में शामिल, नीता अंबानी का इस्तीफा मंजूर

नई दिल्ली : देश की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक रिलायंस इंडस्ट्रीज के निदेशक मंडल में आज से रिलायंस के चेयरमैन मुकेश अंबानी के तीनों बच्चों आकाश, ईशा और अनंत अंबानी को नॉन एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर के रूप में शामिल कर लिया गया।

कंपनी की आज हुई एनुअल जनरल मीटिंग (एजीएम) में इसका ऐलान किया गया। इसके साथ ही बोर्ड ऑफ डायरेक्टर ने मुकेश अंबानी की पत्नी नीता अंबानी के इस्तीफा को मंजूर भी कर लिया। हालांकि, नीता अंबानी रिलायंस फाउंडेशन की फाउंडर चेयरपर्सन बनी रहेंगी और फाउंडेशन के चेयरपर्सन के रूप में रिलायंस इंडस्ट्रीज के निदेशक मंडल की बैठक में शामिल होती रहेंगी।

मार्केट रेगुलेटर के पास दी गई सूचना में कहा गया है कि आकाश, ईशा और अनंत की नियुक्तियों को पहले निदेशक मंडल की बैठक में मंजूरी दी गई। अब शेयरधारकों की मंजूरी के बाद उनकी नियुक्ति प्रभावी हो जाएगी। मुकेश अंबानी के तीनों बच्चे अभी तक रिलायंस इंडस्ट्रीज के बोर्ड में शामिल नहीं थे। इन तीनों को ऑपरेटिंग बिजनेस लेवल पर शामिल किया गया था।

मुकेश अंबानी के बड़े बेटे आकाश को पिछले साल ही रिलायंस जियो इन्फोकॉम के निदेशक मंडल का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। इसी तरह मुकेश अंबानी की बेटी ईशा को समूह के रिटेल कारोबार के प्रमुख के रूप में नियुक्त किया गया था। सबसे छोटे बेटे अनंत अंबानी फिलहाल रिलायंस न्यू सोलर एनर्जी, रिलायंस न्यू एनर्जी, जियो प्लेटफॉर्म्स और रिलायंस रिटेल वेंचर्स के बोर्ड में डायरेक्टर के रूप में काम संभाल रहे हैं।

एनुअल जनरल मीटिंग की बैठक में मुकेश अंबानी ने अगले 5 साल तक रिलायंस इंडस्ट्रीज का अध्यक्ष और मैनेजिंग डायरेक्टर बनने की बात कही। उन्होंने कहा कि अपने लिए उन्होंने मुख्य रूप से तीन टास्क तय किए हैं। इनमें मुख्य रूप से आकाश, ईशा और अनंत का भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए मार्गदर्शन करना, रिलायंस इंडस्ट्रीज में अगली पीढ़ी के लीडर तैयार करना और कंपनी की साझी विरासत को पुराने सहयोगियों के साथ मिलकर और समृद्ध करना है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज के बोर्ड आफ डायरेक्टर में नॉन एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर के रूप में शामिल होने के बाद मुकेश अंबानी के तीनों बच्चे इंडिपेंडेंट एडवाइजर के रूप में काम करेंगे। नॉन एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर आमतौर पर कंपनी के दैनिक कारोबार से अलग रहते हैं। इनके जिम्मेदारी मुख्य रूप से योजना और नीतियां तैयार करने और उनका अनुपालन कराने की होती है। किसके साथ ही नॉन एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर बोर्ड आफ डायरेक्टर में शामिल दूसरे डायरेक्टर और प्रबंधन के कामों पर भी नजर रखते हैं।

रिलायंस इंडस्ट्रीज की 46वीं एनुअल जनरल मीटिंग में मुकेश अंबानी ने बताया कि पिछले 1 साल की अवधि में रिलायंस समूह ने 2.6 लाख रोजगार पैदा करके एक नया रिकॉर्ड बनाया है। फिलहाल कंपनी के पे-रोल पर कर्मचारियों की संख्या 3.9 लाख के करीब हो गई है। मुकेश अंबानी ने बताया कि रिलायंस ने 2026 तक बैटरी गीगा फैक्ट्री स्थापित करने और 2030 तक 100 गीगावॉट रिन्यूएबल एनर्जी कैपेसिटी हासिल करने का लक्ष्य तय किया है। इसके साथ ही अगले 5 साल की अवधि में पूरे देश भर में 100 बायोगैस प्लांट लगाने का लक्ष्य भी तय किया गया है।

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