हुगली : हुगली जिले में डेंगू के मामले 1100 के पार पहुंच गये हैं। पिछले तीन दिनों में ग्रामीण और शहरी इलाकों में डेंगू के 155 मामले मिले हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में एक माह में 778 लोग संक्रमित हुए हैं। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के बार-बार अभियान चलाने के बावजूद माना जा रहा है कि जागरूकता की कमी के कारण डेंगू बढ़ रहा है। इसलिए अब मच्छरों को ढूंढने के लिए ड्रोन का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। ड्रोन को चुंचूड़ा शहर के केंद्र में स्थित एक आवास की छत से उड़ाया गया। इस मौके पर चुंचूड़ा नगर पालिका के चेयरमैन अमित रॉय, स्वास्थ्य विभाग के सीआईसी जयदेव अधिकारी उपस्थित थे।
इस संबंध में जॉयदेव अधिकारी ने कहा कि लोक निर्माण मंत्री फिरहाद हकीम के निर्देशन में नगर पालिकाएं डेंगू से निपटने के लिए काम कर रही हैं। इस बार कुछ पहले ही डेंगू का प्रकोप हो गया है। डेंगू के मामलों की संख्या भी अन्य बार की तुलना में अधिक है। हमने नगर पालिका की ओर से कई उपाय किये हैं। मैं लोगों से जागरूक रहने के लिए कह रहा हूं। हम ड्रोन के जरिए डेंगू का लार्वा ढूंढने की कोशिश कर रहे हैं।
हुगली जिले के चुंचुरा नगर पालिका में अब तक डेंगू के 45 मामले सामने आए हैं, जिनमें से पांच सक्रिय हैं।
हालांकि बताया जा रहा है कि ये सभी ठीक हो रहे हैं और घर पर ही रह रहे हैं। इस संबंध में चुंचूड़ा के एक निवासी ने कहा कि यह निस्संदेह एक अच्छी पहल है। इस तरह यह पता लगाया जा सकेगा कि कहां जल जमाव है या किसमें जागरूकता की कमी है। यदि यह पहल प्रतिदिन की जाए तो डेंगू से बचाव संभव है। हालांकि, दावा किया गया है कि शहरों की तुलना में गांवों में डेंगू के मामलों की संख्या बढ़ रही है। हुगली ग्रामीण इलाके में डेंगू के मामलों की संख्या 250 से अधिक हो गई है।
शहरी इलाकों की तुलना में संक्रमितों की संख्या थोड़ी कम है, लेकिन शहरी इलाकों में डेंगू के मामलों की संख्या 150 से ज्यादा पहुंच गयी है। जिले में डेंगू के सबसे अधिक मामले चंडीतला एक नंबर ब्लॉक में हैं। हरिपाल, चंडीतला, बालागढ़, श्रीरामपुर, चंदननगर समेत कुछ इलाकों में हॉटस्पॉट बनाए गए हैं। आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग डेंगू से निपटने के लिए सक्रिय है, लेकिन आम लोगों में जागरूकता की कमी के कारण डेंगू पर नियंत्रण नहीं हो पा रहा है।


