मुंबई : ठाणे महानगर पालिका के कलवा स्थित छत्रपति महाराज अस्पताल में लगभग 28 मरीजों की आकस्मिक मौत की घटना के एक सप्ताह बाद आज राज्य में विपक्षी नेता विजय वडेट्टीवार ने उक्त अस्पताल का दौरा करने के बाद इसका जिम्मेदार अस्पताल प्रशासन और राज्य सरकार को ही बताया | मनपा का यह कलवा अस्पताल भ्रष्टाचार का अड्डा बना हुआ है।राज्य की विधान सभा में विरोधी दल के नेता विजय बड़ेटीवार ने आज कलवा स्थित मनपा के छत्रपति महाराज शिवाजी अस्पतालें 28 मरीजों की आकस्मिक मौत के बाद दौरा करने के बाद अपने पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि जिन मरीजों की में हुई है उनके परिजनों को अभी तक एक रुपया भी नही मिला है ,इसलिए कम से कम दस लाख रुपए प्रति मृतक के परिवार को देने की घोषणा की जानी चाहिए।
विरोधी दल नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा कि इस अस्पताल की स्थापना हुई तीस बत्तीस साल हो गए फिर भी यहां सुविधाओं का निरंतर अभाव रहता है।
विरोधी दल के नेता ने आरोप लगाया कि यहां पर चंद लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए काम किया जाता है।उन्होंने कहा कि अस्पताल में मरीजों को दवाइयां भी बाजार से खरीद कर लाना पड़ती हैं । वरिष्ठ और कनिष्ठ चिकित्सकों का भी अभाव बना रहता है।यहां पर कार्डियोलॉजिस्ट नही ,सर्जन नही तथा केंसर का उपचार करने वाला कोई एनकोलॉजिस्ट डाक्टर नही है।पैरामेडिकल स्टाफ भी नही है,कम से कम पचास प्रतिशत स्टाफ की यहाँ कमी है।
विजय बड़ेटीवार का आरोप है कि यहां पर स्वच्छता पर करोड़ों खर्च करने पर भी सफाई नही की जाती है।मरीजों को खाना भी उचित नसीब नही होता है।
उन्होंने कहा है कि मुख्यमंत्री यहां के होने के बाद भी अस्पताल में स्टाफ की कमी है।
उन्होंने कहा कि अस्पताल के आईसीयू में कई घंटे मरीजों के शव पड़े रहते है, कोई सुध लेने वाला नही है।तत्कालीन मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने कलवा अस्पताल को सरकार को सौंपने की मांग की थी ।
उन्होंने कहा कि पूरे महाराष्ट्र के अस्पतालों की यही दुर्दशा है।ग्रामीण अस्पतालों में और भी ज्यादा स्टाफ की कमी है। ठाणे मनपा मेडिकल कॉलेज की भी हालत खस्ता है ।उन्होंने कहा कि स्वयं मुख्यमंत्री का होम टाउन होने के बाद भी दिया तले अंधेरा वाली बात है ।उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रत्येक मृतक के परिवार को दस लाख रूपए की राशि दें और हादसे में दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।


