धर्मशाला : धर्मशाला के खनियारा क्षेत्र के दुर्गम गांव खड़ौता की सेजल कश्यप ने विपरीत परिस्थितियों के बीच नीट की परीक्षा पास कर एमबीबीएस के लिए हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में दाखिला प्राप्त कर लिया है। दुर्गम क्षेत्र में रहते हुए मुश्किल हालात और कोविड-19 के दौर में अपने पिता को खोने वाली सेजल ने कड़ी मेहनत और लग्न के साथ इस मुकाम को हासिल किया है।
सेजल के पिता ने कोविड-19 के समय पंचायत में लोगों के लिए सेवाएं प्रदान करते हुए बतौर पंचायत सचिव मोहिंद्र कुमार का निधन हो गया था। बावजूद इसके पहाड़ की बेटी सेजल ने पहाड़ से भी ऊंचें हौंसले के बलबूते पर बड़ा मुकाम हासिल कर अपने परिवार, गांव व क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
जिला मुख्यालय धर्मशाला के साथ लगते खनियारा के गांव खड़ौता की रहने वाली सेजल कश्यप का प्रतिष्ठित नीट की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए डॉक्टर राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में दाखिला हुआ है। सेजल ने दसवीं तक की पढ़ाई सेंट मेरी स्कूल सिद्धपुर से और जमा दो की पढ़ाई केंद्रीय विद्यालय योल से की है।
सेजल अपने यहां तक के सफर का श्रेय अपने अध्यापकों, स्कूल के वातावरण, पिता के त्याग और आशीर्वाद के साथ माता, दादा-दादी और चाचा-चाची को देती हैं। सेजल की माता अंजू देवी अध्यापिका हैं। पढ़ाई का माहौल सेजल को परिवार में ही मिला है, परिवार में माता अंजू देवी और सेजल के चाचा डा. चमन कश्यप शिक्षा क्षेत्र से जुड़े हैं।
सेजल का विपरीत परिस्थितियों में पहाड़ी क्षेत्र के गांव खड़ौता से पैदल सफर कर स्कूली शिक्षा पूरी करना एक बड़ी चुनौती था। गांव के लिए आधी-अधुरी कच्ची सड़क है। इस बीच भारी बारिश और बर्फबारी के बीच लग्न व मेहनत से पढ़ाई करने का कारवां चलते रहा।


