लखनऊ : उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने सोमवार को राजभवन में लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ की एन.आई.आर.एफ. तथा क्यू.एस. विश्व रैंकिंग में उत्कृष्ट रैंकिंग के लिए आयोजित कार्यशाला की अध्यक्षता की।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश आगे बढ़ेगा तो देश भी आगे बढ़ेगा। विश्वविद्यालय कम समय में अच्छे परिणाम प्राप्त करने के लिए ध्यान केन्द्रित करें। आपसी सहयोग के लिए विश्वविद्यालय प्रदेश हित में अपनी सोच का दायरा विकसित करें।
राज्यपाल ने नियमों में संशोधन की आवश्यकता पर बिंदुवार विवरण तैयार कर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रदेश के विश्वविद्यालयों की उत्कृष्ट एन.आई.आर.एफ. रैंकिंग के लिए ‘उपक्रम‘ अपने कार्यों की प्रति 15 दिन में रिपोर्ट दे। राज्यपाल ने कार्यशाला में प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को संयुक्त योजना बनाकर साझेदारी से कार्य करने और राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रैंकिंग में उत्कृष्ट ग्रेड प्राप्त करने को कहा। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय एकांकी सोच से ऊपर उठकर आपसी सहयोग करें और प्रदेश हित में अपनी सोच का दायरा बढ़ाएं।
कार्यशाला में लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय ने जानकारी दी कि लखनऊ विश्वविद्यालय गत् दो वर्षों से लगातार एन.आई.आर.एफ. में रैंकिंग के लिए आवेदन कर रैंकिंग प्राप्त कर रहा है। उन्होंने वर्ष 2020-21 तथा वर्ष 2021-22 का अपना तुलनात्मक प्रस्तुतिकरण देते हुए बताया कि इस वर्ष विश्वविद्यालय ने एन.आई.आर.एफ. में 115वीं रैंक प्राप्त करके पिछली ग्रेडिंग से 80 पायदान ऊपर की रैंकिंग हासिल की है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय शीर्ष 100 शिक्षण संस्थाओं के अंतर्गत उत्कृष्ट एन.आई.आर.एफ. रैंकिंग प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रहा है।
एन0आई0डी0 विशेषज्ञ के रूप में कार्यशाला में शामिल प्रो. संजीत के अतिरिक्त अपर मुख्य सचिव राज्यपाल डॉ. सुधीर महादेव बोबडे, विशेष कार्याधिकारी शिक्षा पंकज जॉनी, प्रमुख सचिव साइंस एवं तकनीकी शिक्षा, कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय, डायरेक्टर जनरल ‘उपक्रम‘ तथा लखनऊ विश्वविद्यालय की प्रो0 पूनम टण्डन, विश्वविद्यालय की एन.आई.आर.एफ. टीम के सदस्य तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।


