अब जरूरी दस्तावेजों को अधिक समय तक सुरक्षित रखना होगा आसान: जिलाधिकारी
कन्नौज : ई-ऑफिस सरकारी कार्यालयों में एक सरलीकृत, उत्तरदायी, प्रभावी, जवाबदेह और पारदर्शी कार्यप्रणाली प्राप्त करने का माध्यम है। ई-ऑफिस की गति और दक्षता न केवल विभागों को सूचित और त्वरित निर्णय लेने में सहायता करती है, बल्कि उन्हें पेपरलेस भी बनाती है। यह बात जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल ने एन. आई.सी सभागार में ई-ऑफिस प्रणाली लागू किये जाने के संबंध में कलेक्ट्रेट कर्मचारियों को दिए जा रहें प्रशिक्षण के दौरान कही।
जिलाधिकारी ने सगर्व घोषणा की कि कन्नौज ई-आफिस प्रणाली अपनाने वाला प्रदेश का पहला जिला है। उन्होंने कहा कि विभागों को पेपर लेस बनाने का अभियान सरकार ने छेड़ दिया है। सरकार ने ई-ऑफिस प्रणाली को लागू कराने का निर्णय लिया है। जिसके क्रम में कलेक्ट्रेट कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण की कार्रवाई पूर्ण हो चुकी हैं। ई-ऑफिस प्रणाली पर कार्य करना प्रारम्भ कर दिया जाये। उन्होंने कहा कि ई-ऑफिस प्रक्रिया से न सिर्फ दस्तावेजों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने की झंझट से मुक्ति मिलेगी, बल्कि कीमती समय की भी बचत होगी। इससे कार्य में पारदर्शिता आएगी।
उन्होंने कहा कि ई-ऑफिस एक वर्कफ्लो-आधारिक सिस्टम है, जिसके द्वारा एक अधिक कुशल इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम के माध्यम से वर्तमान फाइलों को मैनुअल संभाल की कार्यप्रणाली को बदला गया है। इस सिस्टम में सभी चरण शामिल हैं, साथ ही आने वाले पत्रों को इलेक्ट्रॉनिक रूप से डायरी करना, फाइलें बनाना, पत्रों और फाइलों की आवाजाही, डिजिटल सिगनेचर सर्टिफिकेट (डीएससी) का इस्तेमाल करते हुए टिप्पणियों और प्रारूपों पर डिजिटल रूप में हस्ताक्षर करना, ई-हस्ताक्षर और अंततः रिकार्डों के अभिलेख रखना भी इस सिस्टम में शामिल हैं।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) आदि अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


