शिविर में किसान तो आए, लेकिन बढ़ा हुआ मुआवजा मांगा
आर्बिटेशन के माध्यम से ही लेंगे बढ़ा हुआ मुआवजा : रमेश दलाल
झज्जर : हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर के लिए किसानों की जमीन का मुआवजा बांटने की प्रक्रिया सुचारू करने के लिए शुक्रवार को प्रशासन ने गांव आसौदा में शिविर लगाया। शिविर में कुछ किसान पहुंचे तो जरूर लेकिन मुआवजा लेने की प्रक्रिया में शामिल होने से इंकार कर दिया और अधिकारियों से आर्बिट्रेशन के माध्यम से बढ़ा हुआ मुआवजा देने की मांग की।
उप मंडल अधिकारी (नागरिक) अनिल कुमार ने गुरुवार को सूचना जारी की थी कि उन सभी गांवों में शिविर लगाकर जमीन का मुआवजा बांटा जाएगा जिनकी जमीन कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सपे्रेस-वे के साथ-साथ बनने वाले हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर के लिए अधिग्रहीत की जा रही है। सूचना के मुताबिक पहला शिविर शुक्रवार को गांव आसौदा में लगाया गया। इससे पहले गांव में मनादी भी करवाई गई। इस गांव के करीब 1100 किसानों को उनकी जमीन का मुआवजा दिया जाना है। जबकि बांकी गांवों के भी हजारों किसानों की जमीन एक्वायर की गई है। वीरवार के शिविर में कुछ किसान पहुंचे लेकिन मुआवजा स्वीकार करने की प्रक्रिया में तुरंत शामिल होने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वे आर्बिट्रेशन के माध्यम से ही बढ़ा हुआ मुआवजा स्वीकार करेंगे।
जमीन का मुआवजा बढ़ाने की मांग को लेकर करीब छह महीने से चल रहे आंदोलन का नेतृत्व कर रहे किसान नेता रमेश दलाल ने भी आर्बिट्रेशन के बाहर मुआवजा लेने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि अधिकारी उन किसानों को बरगलाने की कोशिश कर रहे हैं जिनकी जमीन एक्वायर की गई है। लेकिन सभी किसान भारत भूमि बचाओ संघर्ष समिति की नीति के अनुसारल एकजुट हैं। इसीलिए हरेक गांव के एक-एक प्रभावित किसान की ओर से आयुक्त कार्यालय में आर्बिटे्रशन के माध्यम से बढ़ा हुआ मुआवजा देने के लिए निवेदन किया गया है। जब तक मुआवजा नहीं बढ़ेगा तब तक कोई किसान मुआवजा स्वीकार नहीं करेगा। उधर, एसडीएम अनिल कुमार ने कहा कि मुआवजा वितरण की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। शुक्रवार को लगे शिविर में काफी किसानों ने अधिकारियों से पूछताछ की और जरूरी दस्तावेजों की जांच करवाने की प्रक्रिया के बारे में पूछा।


