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Udaipur : गहलोत सरकार को रास नहीं आई मंदिरों में मर्यादित परिधानों की अपील

देवस्थान विभाग ने जगदीश मंदिर से उतारे अपील के पोस्टर
उदयपुर: (Udaipur)
उदयपुर के प्रसिद्ध ऐतिहासिक जगदीश मंदिर में शालीन वेशभूषा में प्रवेश को लेकर लगाई गई अपील के पोस्टर शायद राज्य की गहलोत सरकार को रास नहीं आए हैं। यही वजह है कि देवस्थान विभाग के अधिकारियों ने गुरुवार सुबह-सुबह मंदिर पहुंचकर वहां लगे अपील के पोस्टर हटा दिए। वहां मौजूद जनता ने देवस्थान विभाग के अधिकारियों से सवाल किया कि देवस्थान के मंदिरों में भगवान के भोग की चिंता तो कभी की नहीं, सिर्फ मंदिरों से कमाने का काम किया है, कोरोनाकाल में भगवान के भोग की व्यवस्था भी जनता की ओर से की गई, बस यह पोस्टर हटाने के लिए दौड़े चले आए।

उल्लेखनीय है कि जगदीश मंदिर में पोस्टर लगाकर अपील की गई थी कि शॉर्ट टी शर्ट, शॉर्ट जींस, बरमूडा, मिनी स्कर्ट, नाइट सूट जैसे पहनावे में मंदिर न आएं। जगदीश मंदिर से जुड़े श्रद्धालुओं की इस पहल के बाद उदयपुर के प्रसिद्ध बोहरा गणेश मंदिर में भी इस ‘ड्रेस कोड’ की अपील के पोस्टर लगा दिए गए थे। धीरे-धीरे अन्य मंदिरों में भी वहां के प्रबंधन संभालने वालों ने इस पर विचार करना शुरू कर दिया है।

चूंकि, जगदीश मंदिर सरकार के देवस्थान विभाग के अंतर्गत आता है, ऐसे में इस बात की जानकारी मिलते ही गुरुवार सुबह देवस्थान विभाग के अधिकारी मंदिर पहुंचे और सारे पोस्टर फड़वा दिए गए। वहां मौजूद लोगों ने अन्य व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठाए तो वे टालमटोल करते रहे और यहां तक कह दिया कि देवस्थान विभाग जो करता है वह दिखाता नहीं है। ऐसे में एक ने यह भी जवाब दे दिया जो करता है वह तो विभाग का काम है, सवाल तो यह है कि जो काम नहीं हो रहा है, उसका जवाब क्या है।

अचानक अधिकारियों द्वारा सक्रियता दिखाते हुए मर्यादित परिधानों की अपील वाले पोस्टर हटाने की कार्रवाई से श्रद्धालु नाराज नजर आए। उन्होंने कहा कि किसी को रोका तो नहीं जा रहा है, सिर्फ जागरूकता के लिए अपील की जा रही है, ऐसे में विभाग को क्या आपत्ति हो सकती है। क्या मंदिर में परिधानों व आचरण की मर्यादा को लेकर जागरूक करना भी विभाग के नियमों के विरुद्ध है। मंदिर से जुड़ी समितियों के पदाधिकारियों का कहना था कि कुछ दिन पूर्व मंदिर में कुछ पर्यटकों के शराब पीकर प्रवेश करने की भी शिकायत प्राप्त हुई थी, इस सम्बंध में देवस्थान के अधिकारियों को अब तक फुर्सत नहीं मिली है।मंदिर के पुजारी तथा प्रबंध व्यवस्थाओं से जुड़ी समितियों के पदाधिकारियों ने कहा कि मंदिर में शॉर्ट कपड़े नहीं पहनकर आने की अपील की गई है, यह भक्तों को हिंदू संस्कृति के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से लगाया गया है। किसी को रोका नहीं गया है।

उल्लेखनीय है कि कुछ समय पूर्व भीलवाड़ा जिले के प्रसिद्ध कोटड़ी चारभुजानाथ मंदिर में भी ड्रेस कोड लागू किया जा चुका है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं से मर्यादित कपड़े पहनकर आने की अपील की गई है। छोटे कपड़े पहनकर आने वाले श्रद्धालु मंदिर के बाहर से दर्शन कर सकते हैं। मंदिर ट्रस्ट का कहना है कि भक्तों के सुझाव के बाद ही यह निर्णय लिया गया। इसी तहर, भीलवाड़ा जिले के ही हरणी महादेव मंदिर में भी इसी तरह का ‘ड्रेस कोड’ लागू किया जा चुका है।

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