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Jaipur : राजस्थान का महिला असुरक्षा का मुद्दा टवीटर पर ट्रेंड

जयपुर : राजस्थान में महिला असुरक्षा का मुद्दा बुधवार को राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक खूब उठा। सोशल मीडिया के टवीटर प्लेटफॉर्म पर तो इस मुद्दे पर इतनी ज़्यादा चर्चा होने लगी कि ये विषय देश-दुनिया की हलचलों के बीच टॉप-ट्रेंड करने लगा। राजस्थान भाजपा ने महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराध का मुद्दा सड़क से लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स तक पुरज़ोर तरीके से उठाया। एक तय योजना और रणनीति के तहत भाजपा के सोशल मीडिया व आईटी सेल ने इस मुद्दे को सोशल प्लेटफॉर्म्स पर उठाया।

माइक्रो ब्लॉगिंग साइट टवीटर पर ”हैश टैग महिला विरोधी गहलोत” तो ऐसा ट्रेंड करने लगा कि ये टवीटर पर उन ऑल इंडिया टॉप-10 विषयों की सूची में आ गया जिसे लेकर लोगों के बीच चर्चा हो रही थी। भाजपा कैंपेन के इस हैशटैग ने दूसरे नंबर तक पहुंचकर ट्रेंड किया। गहलोत सरकार के खिलाफ सुबह से शुरू हुए कैंपेन के ”हैशटैग” ने जिस रफ़्तार के साथ गति पकड़ी, उसी रफ़्तार से इसे नीचे आने में भी देर नहीं लगी। दूसरे नंबर पर टॉप-ट्रेंड करने के एक घंटे बाद ही यही हैशटैग नीचे आकर 34 नंबर पर आ गया।

‘महिला विरोधी गहलोत’ के नाम पर सोशल मीडिया पर चलाये गए भाजपा के कैंपेन में तमाम वरिष्ठ नेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया साझा कर गहलोत सरकार पर निशाना साधा। प्रदेश में महिलाओं पर अत्याचार और बढ़ते क्राइम के मामलों को लेकर सभी ने चिंता जताई और सरकार को आड़े हाथ लिया। प्रदेश प्रभारी अरूण सिंह ने लिखा कि ”वीरों की भूमि से प्रसिद्ध राजस्थान को कांग्रेस सरकार ने दुष्कर्म की भूमि से प्रसिद्ध कर दिया है! अपनी सरकार की सुरक्षा से ज्यादा ध्यान आप महिला सुरक्षा में लगा देते तो आज महिला अपराध में राजस्थान पहले नंबर पर नहीं होता गहलोत जी।” नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने लिखा कि ”राजस्थान में कांग्रेस राज में महिला पर अत्याचारों की बाढ़ आ गई है। मुख्यमंत्री के दावों के इत्तर एनसीआरबी के अधिकृत आंकड़े इस बात की गवाही देते हैं कि राजस्थान दुष्कर्म में देशभर में पहले पायदान पर है। दुर्भाग्य है कि प्रियंका गांधी प्रदेश में बहन-बेटियों पर हो रहे अपराधों पर चुप्पी साध लेती हैं। राजस्थान में प्रतिदिन दुष्कर्म के औसतन 17 प्रकरण सामने आ रहे हैं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत दुष्कर्मियों को सजा दिलाने के विपरीत रेप के करीब 48 प्रतिशत मामलों को झूठा करार देकर दुर्दांत बलात्कारियों को बढ़ावा दे रहे हैं। जब राज्य के मुखिया ही बहन-बेटियों पर हो रहे अपराधों को गंभीरता से नहीं लेंगे तो फिर महिलाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी होगी?”

उप नेता प्रतिपक्ष सतीश पूनियां ने लिखा कि राजस्थान के इतिहास में पहली बार इतने मुकदमे दर्ज हुए हैं, प्रतिदिन औसत 17 बलात्कार और 7 हत्याएं, राजस्थान की कांग्रेस सरकार का यह नजारा और नतीजा है।” प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी ने लिखा कि ”प्रदेश में बढ़ते महिला अपराध के बेखौफ अपराधियों को पता है कि यहां का मुखिया अपनी कुर्सी की सुरक्षा में तल्लीन है। इसलिए अपराध करते रहो, कुछ नहीं होगा। यह शर्मनाक स्थिति है कि सबसे अधिक बलात्कार के मामले दर्ज होने पर प्रदेश के मुख्यमंत्री कहते हैं कि 65 फीसदी मामले फर्जी हैं। विधानसभा में प्रश्न पूछे जाने पर इनके मंत्री मर्दों का प्रदेश बताकर पल्ला झाड़ते हैं। इनका यही व्यवहार महिलाओं पर अपराध का कारण है।”

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