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Varanasi : भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिकों ने किसानों में किया बीज वितरण

बीजों के उत्पादन तकनीकी और रोग नियंत्रण के बारे में दी जानकारी

वाराणसी :आराजी लाइन विकासखंड क्षेत्र के शहंशाहपुर स्थित भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिकों ने बुधवार को ग्राम सभा गौरैया के अनुसूचित जाति के किसानों में सब्जियों का उन्नत बीज वितरित किया।

संस्थान निदेशक डॉ. तुषार कान्ति बेहेरा के दिशा निर्देशन में कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को मक्का का संकर बीज किस्म एन एस सी 1008पी, नेनुआ किस्म काशी श्रेया, लौकी काशी गंगा, कोहड़ा किस्म काशी हरित, मिर्च किस्म काशी रतना, मूँग की किस्म विराट, तिल की किस्म जी जे टी 05 के बीज तथा हज़ारा (रोज केन) दिया। वितरित किए गए बीजों के उत्पादन तकनीकी और रोग नियंत्रण के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी भी दी।

निदेशक डॉ. तुषार कान्ति बेहेरा ने किसानों को अनुसूचित जाति उप योजना के महत्व के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर संस्थान के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. राजेश कुमार सिंह, डॉ. त्रिभुवन चौबे, वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. शैलेश कुमार तिवारी, वैज्ञानिक सुहास कर्कूटे व राजीव कुमार, सर्वेश मिश्र, अश्वनी कुमार मिश्र, नागेन्द्र तिवारी आदि किसान भी मौजूद रहे।

तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन

भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान परिसर में सहजन की उन्नत खेती एवं प्रसंस्करण तथा सब्जी उत्पादन तकनीकों पर चल रहे तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन भी बुधवार को हुआ। प्रशिक्षण कार्यक्रम में लखनऊ से 16 किसान प्रवृद्ध फाउंडेशन के सौजन्य से आये थे। प्रशिक्षण के समन्वयक डॉ. नीरज सिंह, डॉ शुभदीप रॉय, डॉ विद्या सागर रहे। संस्थान के निदेशक डॉ. टी. के. बेहेरा ने सहजन को आहार में शामिल करने के लाभ की जानकारी दी।

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