शिमला : हिमाचल प्रदेश में मानसून की सक्रियता से बारिश का दौर जारी है। राज्य के विभिन्न भागों में बुधवार को जमकर बारिश हुई। राजधानी शिमला में दिन में तीन घण्टे मूसलाधार बारिश हुई, जिसका सामान्य जनजीवन पर असर देखा गया। मौसम विभाग ने आगामी चार दिन राज्य के विभिन्न हिस्सों में भारी बरसात की संभावना जताई है।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक सुरेंद्र पॉल ने बताया कि दक्षिणी-पश्चिमी मानसून की सक्रियता की वजह से बारिश से फिलहाल राहत मिलने के आसार नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य के मैदानी एवं मध्यपर्वतीय इलाकों में आगामी दो जुलाई तक गरज के साथ बारिश का येलो अलर्ट रहेगा। उन्होंने पर्यटकों व स्थानीय लोगों को आगाह किया है कि वे भूस्खलन संभावित इलाकों और नदी-नालों के किनारों के समीप न जाएं।
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की रिपोर्ट के मुताबिक राज्य भर में भूस्खलन के कारण बुधवार को 47 सड़कें बंद रहीं। इसके अलावा 149 बिजली ट्रांसफार्मर व 67 पेयजल परियोजनाएं प्रभावित हुईं। मंडी जिला में 29 सड़कों पर वाहनों का आवागमन ठप रहा। चम्बा जिला में सात, शिमला में पांच, कूल्लु व सिरमौर में दो-दो और कांगड़ा व लाहौल-स्पीति में एक-एक सड़क अवरुद्ध रही। चम्बा जिला में 133 ट्रांसफार्मर खराब पड़ने से बिजली गुल रही। पांगी में 78, डल्हौजी में 38 और चम्बा उपमंडल में 17 ट्रांसफार्मर बंद हैं। कूल्लु में 13, शिमला में दो और मंडी में एक ट्रांसफार्मर बंद है। शिमला जिला में 48, चम्बा में सात और लाहौल-स्पीति में चार पेयजल स्कीमें प्रभावित हुईं।
सिरमौर के धौलाकुआं में सबसे ज्यादा बरसे बादल
बीते 24 घण्टों के दौरान सिरमौर जिला के धौलाकुआं में सात सेंटीमीटर वर्षा रिकार्ड हुई है। इसके अलावा पांवटा साहिब में पांच, डल्हौजी, बिलासपुर व शिमला में तीन-तीन, सियोबाग, नाहन, धर्मपुर, कसौल, नैनादेवी, धर्मपुर व रेणुका में दो-दो, चुआडी, मशोबरा, सलूणी, पच्छाद, भरमौर, मनाली, तीसा, खदराला व कसौली में एक-एक सेंटीमीटर वर्षा हुई है।


