जयपुर : श्री सीमेंट ग्रुप पर गत चार दिनों से चल रहे आयकर विभाग का सर्वे खत्म हो गया है। अब तक हुए सर्वे के दौरान आयकर अधिकारियों ने श्री सीमेंट ग्रुप के 23 हजार करोड़ के दस्तावेज जब्त किए हैं। ग्रुप के दस्तावेजों की जांच में सामने आया है कि ग्रुप ने लगभग हर साल 1 हजार 200 से 1 हजार 400 करोड़ रुपए संदेह के घेरे में हैं। डिडक्शन क्लेम के दस्तावेजों पर संदेह था जिसके बाद यह सर्वे किया गया। वहीं जांच में सामने आया है कि सरपंच, ग्राम पंचायत स्थानीय निकाय से किए फर्जी एग्रीमेंट से केन्द्र और राज्य सरकार को बड़ा चूना लगाया गया है। आयकर विभाग ने फर्जीवाड़े से जुड़े एग्रीमेंट भी जब्त कर लिए हैं।
आयकर विभाग से मिली जानकारी के अनुसार ग्रुप के मेंबर्स से जब इस मामले में पूछताछ की गई तो उन्होंने इस संबंध में जानकारी होने से इनकार कर दिया। वहीं ग्रुप के चेयरमैन एचएन बांगड़ और वाइस चेयरमैन प्रशांत बांगड़ छापेमारी के बाद से बाहर निकल गए हैं। इसके अलावा ग्रुप के वाइस प्रेसिडेंट अरविंद खींचा को भी सर्वे के दौरान कई बार पूछताछ के लिए बुलाया गया। लेकिन वह भी आयकर अधिकारियों के सामने नहीं आए। मैनेजिंग डायरेक्टर नीरज अखोरी, डायरेक्टर नितिन देसाई, डायरेक्टर श्रीकांत सोमानी और सीएफओ सुभाष जाजू से भी आयकर अधिकारियों का कोई संपर्क नहीं हो पाया ।इन सभी जिम्मेदारों की जानकारी ग्रुप के किसी भी सदस्य के पास नहीं हैं। वहीं आयकर विभाग जल्द ही रियल स्टेट, माइंस और अन्य बड़े व्यापारियों पर भी सर्वे कर सकती है।


