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Lucknow: मायावती ने तेलंगाना सरकार को दी नसीहत

लखनऊ:(Lucknow) बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती ने तेलंगाना में क्लास 10 के सोशल साइंस की किताबों पर छपे संविधान की प्रस्तावना की गलती को आड़े हाथों लिया है। इसी के बहाने मायावती ने सरकार को नसीहत दी है। उन्होंने कहा है कि पवित्र संविधान के प्रति कर्तव्यनिष्ठा का होना जरूरी है।

मायावती ने शनिवार को ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने लिखा “तेलंगाना में क्लास 10 के सोशल साइन्स की किताबों के कवर पर छपे संविधान के प्रस्तावना में छेड़छाड़ व उससे ‘सेक्युलर’, ‘सोशलिस्ट’ शब्द का गायब होना सरकार की निष्ठा व कार्यकलाप पर सवाल खड़े करता है। ऐसी लापरवाही गंभीर मामला है। सरकार ध्यान दे। पवित्र संविधान के प्रति कर्तव्यनिष्ठा जरूरी है।”
: रायपुर में विहिप की बैठक शुरू, चिंतन के केंद्र में धर्मांतरण का मु्द्दा अहम

रायपुर: विश्व हिन्दू परिषद (VHP) राष्ट्रीय टोली के केंद्रीय प्रबंध समिति की बैठक आज शुरू हो गई। शीर्ष 13 पदाधिकारी धर्मांतरण , लव जिहाद, गो हत्या व मंदिरों को सरकारी अधिगृहण से मुक्त कराने की रणनीति पर मंथन कर रहे हैं। इनमें विहिप के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरएन सिंह, कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार, महामंत्री मिलिंद परांडे, संगठन मंत्री विनायक राव, संरक्षक दिनेश चंद्र और उपाध्यक्ष चंपत राय प्रमुख हैं। यह बैठक राजधानी रायपुर के कमलविहार में माहेश्वरी भवन में चल रही है। इसका समापन 26 जून को होगा।

रविवार को बैठक में देशभर से आए 170 पदाधिकारी शामिल होंगे। इसके बाद केंद्रीय विस्तार समिति की बैठक होगी। इसमें केंद्रीय प्रबंध समिति के सदस्यों के अलावा लगभग 100 अन्य सदस्य भी शामिल रहेंगे। 26 जून को फिर से केंद्रीय प्रबंध समिति की बैठक होगी। इसमें छह महीने पहले हुए राष्ट्रीय सम्मेलन में तय किए गए कार्यों की समीक्षा की जाएगी। साथ ही अगले छह माह की कार्ययोजना भी तैयार की जाएगी।

विहिप के प्रचार प्रमुख विजय शंकर तिवारी ने बताया कि बैठक में सदस्यों की संख्या 72 लाख से एक करोड़ तक पहुंचाने की योजना बनेगी। अभी देश में विहिप की 65 हजार समितियां हैं। इसे भी एक लाख तक ले जाया जा सकता है।

विहिप के राष्ट्रीय महामंत्री मिलिंद परांडे के अनुसार विश्व हिंदू परिषद देशभर में सभी संतों की एक जन जागरण यात्रा शुरू करेगी। इस दौरान संत दलित बस्तियों में रहेंगे और भोजन करेंगे। हिंदू धर्म के प्रति जागरण का काम होगा। केंद्रीय समिति की बैठक हर 6 माह में होती है। परिषद के 60 साल पूरे होने जा रहे हैं।

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