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Kathmandu : नेपाल में नागरिकता अधिनियम का विरोध, संसद में प्रधानमंत्री के बयान की मांग

काठमांडू : नेपाल में नागरिकता विधेयक को राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल से मंजूरी मिलने के बाद विपक्षी दलों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है। सीपीएन (यूएमएल) के नेतृत्व में तीनों विपक्षी दलों ने रविवार को प्रतिनिधि सभा में जोरशोर से यह मुद्दा उठाया और इस पर प्रधानमंत्री पुष्पकमल दाहाल ‘प्रचंड’ से सदन में बयान देने की मांग की। विपक्षी दलों के विरोध के कारण सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।

प्रतिनिधि सभा की कार्यवाही सुबह शुरू होते ही मुख्य विपक्षी दल सीपीएन (यूएमएल), राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) और राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी (आरपीपी) के सदस्यों ने नागरिकता विधेयक के मंजूरी दिए जाने का विरोध शुरू कर दिया। सीएमएल (यूएमएल) के मुख्य सचेतक पदम गिरि और आरपीपी अध्यक्ष राजेंद्र लिंगदेन ने विधेयक पर सवाल उठाते हुए प्रधानमंत्री प्रचंड से इस मुद्दे पर बयान देने की मांग की। लिंगदेन ने प्रचंड की भारत यात्रा के बारे में भी बयान की मांग की। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय सीमा के बारे में प्रधानमंत्री के बयान पर स्पष्टीकरण की मांग की।

उल्लेखनीय है कि तत्कालीन राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी ने नागरिकता विधेयक को मंजूरी देने से इनकार कर दिया था, लेकिन रामचंद्र पौडेल ने राष्ट्रपति बनने के बाद इस पर हस्ताक्षर कर दिए।

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