नरसिंहपुर : जिले के ग्राम करपगांव के देव राम जानकी मंदिर से 24 वर्ष पहले वर्ष 1999 में भगवान श्रीराम के भाई लक्ष्मण की अष्टधातु की प्राचीन मूर्ति चोरी चली गई थी। जिसकी तलाश लंबे समय से की जा रही थी, परंतु उन्हें इसमें सफलता नहीं मिली। करीब एक वर्ष पहले उमरिया जिले के चंदिया थाने के अंतर्गत आने वाली महानदी में ग्रामीणों को यह मूर्ति प्राप्त हुई, जिसे उन्होंने पुलिस को सौंप दिया। तब से यह मूर्ति चंदिया थाने के मालखाने में रखी है। इस बात की जानकारी मिलने पर करपगांव के जागरूक नागरिकों ने इसकी सूचना जिला प्रशासन को दी।
कलेक्टर ऋजु बाफना ने इस प्रकरण में विशेष रूचि लेकर जिला पुरातत्व विभाग के प्रभारी अधिकारी को आवश्यक निर्देश दिये। साथ ही जिला एवं पुलिस प्रशासन ने इस संबंध में उमरिया जिला प्रशासन और चंदिया थाने में सम्पर्क किया। जिला प्रशासन के सहयोग से देव राम जानकी मंदिर करपगांव के पुजारी ने चंदिया थाने में जाकर लक्ष्मण जी की मूर्ति की पहचान की।
मूर्ति की पहचान सुनिश्चित हो जाने के बाद मूर्ति को शीघ्र वापस लाने की औपचारिकतायें पूर्ण की गई। भगवान लक्ष्मण मूर्ति को लेने के लिए प्रधान आरक्षक सुरेंद्र शर्मा राम शरण उपाध्याय रवि रजक ने पहुंचकर इस मूर्ति को करेली थाने लाए, जहां पर मूर्ति का स्नान कर पूजन अर्जन कर करपगाव के लिए ले जाया गया मूर्ति को ले जाते समय विशाल शोभा यात्रा निकाली गई। इस शोभायात्रा में सर्व ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष पंकज दुबे करणी सेना के अध्यक्ष अमित राजपूत आदि थे। इसके बाद मूर्ति को संबंधित मंदिर को सौंप कर मूर्ति को मंदिर में पुन: स्थापित किया जायेगा। मूर्ति के वापस आने की जानकारी मिलने से क्षेत्र में हर्ष व्याप्त है। यह जानकारी प्रभारी अधिकारी जिला पुरातत्व, पर्यटन एवं संस्कृति परिषद नरसिंहपुर विवेक सिंह ने दी है।


