पिछले वर्ष की अपेक्षा छह दिन देरी से चल रहा है मानसून
कानपुर : (Kanpur) मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक इस सीजन में मानसून केरल के तट पर चार जून को पहुंचने की संभावना है। इसके पीछे प्रशांत महासागर में गर्म धारा अलनीनो की सक्रियता बन रही है। पिछले वर्ष की अपेक्षा छह दिन देरी से मानसून चल रहा है और अगर सब कुछ सही रहा तो 27 जून के आसपास कानपुर मण्डल में बरसात शुरू हो जायेगी।
चन्द्रशेखर आजाद कृषि प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एस एन सुनील पाण्डेय ने गुरुवार को बताया कि इस साल मॉनसून सामान्य रहेगा और बारिश भी सामान्य होने की संभावना है। हालांकि आईएमडी ने जुलाई में ही मॉनसून के बीच अलनीनो की संभावना भी जताई है। ऐसे में अगर मॉनसून में देरी होती है और बारिश कम होती है तो देश के कई राज्यों में सूखे की स्थिति बन सकती है। वर्तमान में समुद्री गतिविधियों को देखते हुए मौसम विभाग आशंका जाहिर कर रहा है कि अलनीनो के प्रभाव से अबकी बार देर से मानसून आ सकता है। इसका सीधा असर किसानी पर पड़ेगा। हालांकि अब तक के जो आंकड़े सामने आ रहे हैं उसके अनुसार चार जून को केरल तट पर मानसून पहुंच सकता है, लेकिन प्रशांत महासागर में अगर अलनीनो अधिक सक्रिय हो गया तो इसमें और देरी हो सकती है। विभाग के अनुसार पिछले वर्ष की अपेक्षा अब तक के आंकड़ों के अनुसार छह दिन देरी से मानसून चल रहा है।
बताया कि पिछले साल 2022 में मानसून 29 मई को, 2021 में 03 जून को और 2020 में 01 जून को केरल तट पर मानसून पहुंचा था। इस बार आंकड़ों के मुताबिक चार जून को केरल के तट पर मॉनसून के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में मॉनसून में देरी के चलते खेती-किसानी प्रभावित हो सकती है। इसीलिए किसान चिंतित हैं कि मॉनसून में देरी और अलनीनो का असर कहीं खेती-बाड़ी को प्रभावित न कर दे।


