पुलिस ने 194 क्लोन अंगूठों के साथ दो ठगों को प्रयागराज से गिरफ्तार किया
यू-ट्यूब से जानकारी हासिल कर तैयार करते थे सीधे-साधे लोगों का अंगूठा क्लोन
भदोही : फिंगर प्रिंट यानी अंगूठे का क्लोन बनाकर लोगों के बैंक खाते से पैसा उड़ाने वाले गिरोह का पुलिस से पर्दाफास किया है। गिरोह के दो सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार कर उनके पास से 194 क्लोन अंगूठे बरामद किए हैं। जबकि शातिर ठगों के तीन बैंक खातों में जमा कुल 87 हजार रुपये की धनराशि को फ्रिज कर दिया गया है।
भदोही अपर पुलिस अधीक्षक के अनुसार साइबर सेल और भदोही पुलिस की संयुक्त टीम ने प्रयागराज से दोनों को गिरफ्तार किया है। जबकि गैंग के दो अन्य सदस्यों को पकड़ने के लिए दबिश दी जा रही है। गिरोह में शामिल लोग अंतर्जनपदीय ठग हैं। पुलिस ने इनके पास से प्रयागराज स्थित अपार्टमेंट से कुल 194 अदद अंगूठा क्लोन, आधार नंबर व बैंक पर्ची के साथ अंगूठा क्लोन बनाने सम्बंधित विभिन्न उपकरण जिसमें पाली स्टैम्पर मशीन, प्रिंटर मशीन, लैपटॉप, दो बायोमेट्रिक मशीन, ओटीजी, माउस, लैपटॉप चार्जर, नेट राउटर, 5 एमओपीएस की मशीन, पांच एटीएम कार्ड, तीन मोबाइल, एक पॉलीमर और इमेज डार्कनर भी बरामद किया है।
अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इंटरनेट के माध्यम से सीधे-साधे लोगों को नौकरी व लोन दिलाने का झांसा देकर अंगूठा लगवा क्लोन तैयार करते थे। इसके अलावा ऑनलाइन भूलेख वेबसाइट से रजिस्ट्री कागजात डाउनलोड कर अंगूठे का क्लोन एवं कूट रचित दस्तावेज तैयार कर रुपये की ठगी करते थे। इस सम्बन्ध में भदोही कोतवाली और दुर्गागंज थाने में दो मुकदमें पंजीकृत किए गए थे, जिस पर पुलिस अधीक्षक डॉ अनिल कुमार के निर्देश पर साइबर टीम काम कर रही थी।
उन्होंने बताया कि गिरोह के सदस्यों के तीन बैंक खातों से कुल 87 हजार रूपये फ्रीज कराया गया है, शेष अन्य खातों को फ्रीज कराने की कार्यवाही प्रचलित है। गिरोह में शामिल प्रकाश में आए दो अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी का प्रयास जारी है।
गिरफ्तार आरोपितों ने बताया कि हमारा चार लोगों का गुरोह है। जिसमें शुभम सिंह उर्फ अमन पुत्र संजय सिंह, भवानीपुर थाना देल्हुपुर जनपद प्रतापगढ़, शुभम द्विवेदी पुत्र रमाशंकर द्विवेदी, सोहबतियाबाग,प्रयागराज, ऋषि राज सिंह पुत्र यसवन्त सिंह, ग्राम तेजा कापुरा,थाना सोरांव जिला प्रयागराज, रोहित कुमार पुत्र बृजेश कुमार निवासी ग्राम बस्ती,थाना मधुबन जिला मऊ
शामिल हैं। पुलिस ने ऋषि राज सिंह और रोहित कुमार गुरफ्तार किया है।
पुलिस को आरोपितों ने बताया कि हम लोग सीएसपी सेन्टर बनाकर सीधे-साधे लोगों को नौकरी एवं लोन दिलाने के नाम पर उनका आधार कार्ड, पैन कार्ड, लाइव फोटो प्राप्त कर लेते थे। भूलेख साईट पर खतौनी सर्च कर रजिस्ट्री का पेपर डाउन लोड कर आधार नम्बर लिख लेते हैं तथा अंगूठे की निशानी की स्क्रीन साट लेकर स्कैनर मशीन से स्कैन कर मोहर बनाने वाले सभी उपकरण का प्रयोग कर अंगूठे का क्लोन तैयार करते हैं। बायोमैट्रिक मशीन के माध्यम से सीएसपी लॉगिन कर लोगों का पैसा अपने परिचितों के एकाउण्ट में ट्रान्सफर कर लेते हैं। हम चारो लोग यू-ट्यूब पर देखकर नकली फींगर प्रिन्ट बनाना सीखा था।
पुलिस अधीक्षक डॉ0 अनिल कुमार ने साइबर और पुलिस टीम को 25 हजार रुपये के नगद पुरस्कार से पुरस्कृत किए जाने की घोषणा की है।


