
वाशिंगटन:(Washington) अमेरिका की उपराष्ट्रपति कमला हैरिस (US Vice President Kamala Harris) ने जाम्बिया की अपनी यात्रा के दौरान भारतीय विदेश सेवा के अधिकारी रहे अपने नाना पी वी गोपालन को याद किया और लुसाका में गोपालन परिवार के घर गयीं।
हैरिस ने जाम्बिया के राष्ट्रपति हकाइंदे हिचिलेमा के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में लुसाका में पत्रकारों से कहा, ‘‘जाम्बिया की मेरी यात्रा मेरे लिए बहुत खास है जैसा कि आपमें से कई लोग जानते हैं। आप जानते हैं कि मैं युवावस्था में जाम्बिया आयी थी जब मेरे नाना यहां काम करते थे।’’
हैरिस ने बताया कि उनके नाना भारत में एक नौकरशाह थे। उन्होंने कहा, ‘‘1966 में जाम्बिया की आजादी के फौरन बाद वह राहत उपायों और शरणार्थियों के निदेशक के तौर पर काम करने लुसाका आए। उन्होंने जाम्बिया के पहले राष्ट्रपति केनेथ कौंडा के सलाहकार के तौर पर काम किया और वह शरणार्थियों के पुनर्वास के विशेषज्ञ थे।’’
अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने कहा, ‘‘मुझे यहां बिताया अपना वक्त बहुत याद आता है। मैं तब बच्ची थीं इसलिए यह बचपन की यादें है।’’
गौरतलब है कि भारत सरकार ने पी वी गोपालन को जनवरी 1966 में राहत उपायों एवं शरणार्थियों के निदेशक के तौर पर जाम्बिया सरकार में तैनात किया था।
काफी प्रयासों के बाद लुसाका में अमेरिकी दूतावास ने जाम्बिया और भारतीय प्राधिकारियों के साथ मिलकर उस जगह को ढूंढ निकाला जहां उन्हें लगता है कि गोपालन रहते थे। हालांकि, वहां अब वह मकान नहीं हैं जिसमें वह रहते थे।
एक अधिकारी ने नाम न उजागर करने की शर्त पर बताया, ‘‘उपराष्ट्रपति के परिवार ने घर से जुड़ी कुछ यादों के बारे में बताया जिससे तलाश में मदद मिली। दूतावास के अथक प्रयासों के बाद कुछ दिन पहले ही इस जगह की पहचान की गयी जब उपराष्ट्रपति घाना में थीं।’’


